96 quintals of rice seized

  • दूसरे जिले के मिलर्स के अतिक्रमण का खतरा

भंडारा. धान उत्पादक जिले में कोई बड़ा उद्योग नहीं है, राइस मिल उद्योग ही जिले की आत्मा है, राइस मिलों के हित के लिए किसी भी हद तक जाकर आत्मा की रक्षा करने की बात विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने कहा. तालियों की कडकडाहट के बीच विधायक भोंडेकर ने कहा कि राइस मिल उद्योग के माध्यम से हजारों हाथों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोज़गार मिलता है. ऐसे में इस क्षेत्र की अनदेखी नहीं की जा सकती. इस अवसर पर भंडारा जिला राइस मिल संघर्ष समिति की स्थापना की गयी. यह समिति राइस मिल से जुडे सभी घटकों के हित एवं अधिकारों को संरक्षण करेगी.

भंडारा जिले में धान उत्पादन क्षेत्र अधिक होने से लगभग हर गाव में राइस मिलें शुरू हुई. लेकिन इस उद्योग को जिन परेशानियों का सामना करना पड रहा है, उससे राइस मिल संचालक आर्थिक रूप से टूट चुके है. उसमें भी सरकारी नीतियों की वजह से भंडारा जिले का राइस मिल उद्योग पर संकट में है.

न्यूनतम समर्थन मूल्य केंद्र पर खरीदे गए धान की पिसाई का ठेका लेने के लिए राइस मिल धारकों पर लगाए गए प्रतिकूल शर्तों का हवाला देते हुए विधायक नरेंद्र भोंडेकर और विधायक राजू कारेमोरे के नेतृत्व में आंदोलन का शंखनाद करने का निर्णय लिया गया है.

प्रास्ताविक आंदोलन की रूपरेखा पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए बैठक का आयोजन किया गया.

राइस मिल उद्योग पर संकट

भंडारा जिले के पारंपरिक राइस मिल उद्योग में हजारों खेतिहर मज़दूरों को रोज़गार मिल रहा है. कई छोटे और बड़े उद्यमी इस व्यवसाय में पीढी दर पीढी काम कर रहे हैं. यद्यपि राइस मिलर संगठित नहीं है. जिससे हालात प्रतिकूल एवं आर्थिक संकट में होने के बावजूद राइस मिलर की वास्तविकता सरकारी पटल पर नहीं रखी जा सकी है. सामूहिक आवाज़ एवं दबाव के अभाव में न्यायोचित मांगों की ओर सरकार का ध्यानाकर्षण नहीं हो पाता है. जिले के राइस मिलर की कमज़ोरी का नाजायज फायदा दूसरे जिले राइस मिलर उठा रहे है. पिसाई ठेके का अतिक्रमण कर भंडारा जिले के राइस मिल उद्योग को नष्ट करने का षडयंत्र हो रहा है.

चुनौती स्वीकार

इस बैठक में निर्णय लिया गया कि बाहरी जिलों के राइस मिलर को उनके षडयंत्र में सफल नहीं होने देंगे. विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने राइस मिलर को भरोसा दिलाया कि वे इस लडाई में उनके साथ में है. बशर्ते राइस मिलर एकजुट रहें.

संघर्ष समिति की स्थापना

जिले के राइस मिलरों को न्याय दिलाने के लिए भंडारा जिला राइस मिल संघर्ष समिति का गठन किया गया. समन्वय समिति गठित की गयी है. समिति की अगली बैठक 8 दिसंबर को सुबह 11.30 बजे भंडारा में विश्राम भवन में होगी. विधायक नरेंद्र भोंडेकर और विधायक राजू कारेमोरे को जिला समन्वयक बनाया गया है.

भंडारा तहसील समन्वयक इक्बाल सिद्दीकी, अविनाश थोटे, पवनी तहसील समन्वयक नरेंद्र कावळे, अनिल मुंडले, लाखनी तहसील समन्वयक मोहसीन अकबानी, सारंग खेडीकर, साकोली तहसील समन्वयक बाबूराव भाजीपाले, गिरीष लांजेवार, लाखांदुर तहसील समन्वयक दिपक मुंडले, प्रदिप बुराडे, मोहाडी तहसील समन्वयक राजेंद्र पटले, नितीन भाजीपाले, तुमसर तहसील समन्वयक सुशील लांजेवार व राजू थोटे होंगे. संचालन व आभार प्रदर्शन नरेंद्र कावले ने किया.