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भंडारा (का). यात्रियों की सेवा के लिए तैनात एसटी बस जिसे लाल परी के रूप में जाना जाता है, उसमें शुरु की गई वाईफाई सुविधा कहां गई, ऐसा सवाल उठाया जा रहा है. शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को बस सेवा देने वाली एस टी बस में लगाई गई वाईफाई सेवा को बंद कर दिया गया है. यह सेवा बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की तुलना में शहरी क्षेत्र की जनता को ज्यादा परेशानी होगी.

एसटी बस से यात्रा करते समय यात्रियों को वाईफाई सेवा देते समय कहा गया था कि यह सुविधा यात्रियों मनोरंजन के मद्देनज़र दी जा रही है. इस तरह की सेवा देने के पीछे का एक उद्देश्य लोगों को एस टी बस के यात्रा करने के लिए आकर्षित करना था.  

राज्य परिवहन महामंडल ने वाईफाई सेवा शुरु करके यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित तो किया लेकिन वाईफाई सेवा ठीक से तरह से संचालित न किए जाने के कारण वह ठप पड़ गई. कुछ दिनों तक अच्छी तरह से चली वाईफाई सेवा बंद क्यों है, अगर ऐसा सवाल किसी यात्री की ओर से पूछा जाता है तो यात्री को या तो उसका जबाव ही नहीं मिलता, या फिर उसे गोलमोल जवाव दिया देकर उसे शांत कर दिया जाता है.

यात्रियों का कहना है कि एसटी महामंडल यात्रियों को लुभाने के लिए अपनी बसों में वाईफाई सुविधा शुरु की, जब बस में पर्याप्त यात्री आने लगे तो महामंडल ने उसे बंद करवा दिया.

राज्य में अनेक स्थानों पर बस डिपो में वाईफाई की सुविधा की गई थी. ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में यह सुविधा उपलब्ध करायी गई थी, लेकिन वर्तमान में यह स्थिति है कि अधिकांश बसों में वाईफाई सेवा बंद है, इस वजह से जिस सेवा के नाम पर यात्रियों को प्रलोभन देकर एस टीबस में वाईफाई सुविधा शुरु की गई थी, वह सुविधा अधिकांश बसों में बंद हो गई है और जिस बसों में चल रही है, उसमें भी व्यवधान आता रहता है, अगर यही हालत रही तो आने वाले दिनों में एसटीबस की वाईफाई सेवा इतिहास बन जाएगी.