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  • साकोली में महाराष्ट्र राज्य किसान सभा की रैली

साकोली. केंद्र की मोदी सरकार द्वारा राजधानी दिल्ली में पिछले 7 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों के साथ अन्याय एवं घरेलू और विदेशी कॉर्पोरेट पूंजीपतियों को खेती, किसान, खेत श्रम प्रणाली को सौंपने वाले 3 कृषि कानूनों को जल्द ही वापस लिया जाना चाहिए इस मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा गुरुवार को राष्ट्रव्यापी निषेध दिवस के अवसर पर साकोली में महाराष्ट्र राज्य किसान सभा की साकोली तहसील शाखा द्वारा एक रैली का आयोजन किया गया.

संगठन के कार्यालय से निकाली गई रैली तहसीलदार के कार्यालय साकोली पहुंची. रैली का नेतृत्व भाकप के राज्य सचिव मंडल सदस्य शिवकुमार गणवीर, किसान सभा तहसील अध्यक्ष वसंता भुरे, झाडु वासनिक, सचिव किशोर बारस्कर, उपाध्यक्ष देवांगणा सयाम, सुदाम कोसरे सहसचिव वनिता नंदेश्वर, पार्टी के प्रभारी तहसील सचिव दिलीप ऊंदिरवाडे, कोषाध्यक्ष राजू बडोले आदि ने किया. 

तहसील कार्यालय के सामने रैली को संबोधित करते हुए शिवकुमार गणवीर ने कहा कि किसान देश की राजधानी में नहीं आने चाहिए इसलिए खट्टर सरकार ने रास्ते में गड्ढे खोदे है. उन्होंने सड़क पर रोड रोलर्स व ट्रैक्टर स्थापित करके किसानों को रोकने की कोशिश की. और इसमें भी किसानों ने दिल्ली तक मार्च किया. ऐसे ठंडे मौसम में किसानों को ठंडे पानी का छिडकाव किया गया. 

आज, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने इन तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की है, जो किसानों को बर्बाद कर रहे है. तदनुसार, आज हम निषेध दिवस मना रहे है. अगर 7 दिसंबर तक किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तो समिति द्वारा जारी किए गए 8 दिसंबर को साकोली में नागपुर-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने किसान, खेत मजदूर व आम जनता को इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया. इसके बाद इस विषय को लेकर राष्ट्रपती रामनाथ कोविंद के नाम पर नायब तहसीलदार बी.एल. मलावी को ज्ञापन सौंपा गया.