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लाखांदूर (का). सरकार की महाराष्ट्र ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अकुशल काम के अंतर्गत पैदल रास्तों पर मिट्टी भरने का काम पिछले दिनों पूरा कर लिया गया, लेकिन इस योजना का काम हुए एक दशक से भी अधिक का समय व्यतीत होने के बावजूद किसानों को कृषि काम के लिए वर्षाकाल में कीचड़, मिट्टी पर गुजरना पड़ता है. इसलिए जिस मार्ग पर मिट्टी भरने का काम हो चुका है, उन मार्गों का क्रांक्रीटीकरण किया जाए, ऐसी मांग यहां के किसानों की ओर से की जा रही है.

सरकार के मग्रारोहयो के अंतर्गत लाखांदूर तहसील में पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर पैदल रास्तों पर मिट्टी भरने का काम किया गया है. इन रास्तों पर मिट्टी भरने का काम को पूरा हुए 10 वर्ष से ज्यादा समय  व्यतीत हो चुका है, बावजूद इसके इस रास्तों क्रांकीटीकरण का काम पूरा न होने की वजह से पूरे रास्ता खराब हो गया है. वर्षा काल में इन रास्तों की हालत इतनी ज्यादा खराव हो जाती है कि उस पर चलना मुश्किल हो जाता है. रास्ता खराब होने की स्थिति में कभी-भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता.

किसानों को कृषि कार्य के लिए विभिन्न कृषि उपयोगी औजार समेत अन्य वस्तुएं इसी मार्ग से ले जाना पड़ता है. वर्षाकाल में तो इन मार्गों पर घुटने तक पानी में चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. लाखांदुर तहसील के चप्राड पहाड़ी पर 20 वर्ष पहले रोगायो के अंतर्गत हाथ के फोड़े गए गिट्टी बोल्डर का उपयोग मिट्टी भरने का काम पूरे हो चुके रास्तों का क्रांकिटीकरण  किए जाने की मांग यहा के किसानों की ओ से की जा रही है.