शिक्षक स्वयं के मोबाइल से  दे रहे आनलाइन शिक्षा, अब तक शुरू नहीं हुए स्कूल-कालेज

    भंडारा. कोविड-19  संक्रमण को रोकने के लिए की गई तालाबंदी के कारण स्कूल, कालेज सभी बंद रहे. विद्यार्थियों का नुकसान न हो, इसके लिए विकल्प के तौर पर आनलाइन शिक्षा को सामने लाया गया. जिले की 1,324 स्कूलों में सिर्फ 349 स्कूलों में ही इंटरनेट की सुविधा है. जबकि 974 स्कूलों में अभी तक इंटरनेट की सुविधा नहीं है. कुल 1,324 स्कूलों में से 823 स्कूल सरकारी हैं. जबकि 343 स्कूल अनुदान पर चलते हैं.  गैर अनुदानित स्कूलों की संख्या 357 है. 

    स्मार्ट फोन बना शिक्षा का आधार

    आधुनिक काल में स्मार्ट फोन शिक्षा का मूल आधार बना रहा है. स्कूल में इंटरनेट की सुविधा न होने की वजह से शिक्षकों ने खुद के मोबाइल से आनलाइन शिक्षा संचालित की. स्कूल बंद, शिक्षा बंद इस उपक्रम से माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा दी जा रही है. स्कूल में इंटरनेट की सुविधा न होने की वजह से शिक्षकों को अपने मोबाइल से शिक्षा कार्य करना पड़ा है. इस संबंध में जिला परिषद (प्राथमिक) के शिक्षाधिकारी मनोहर बारस्कर कहना है कि इस शिक्षा पद्धति से शिक्षक तथा विद्यार्थी तकनीकी प्रेमी बने हैं. 

    1,324जिले में स्कूलें

    • 349    – स्कूलों में ही इंटरनेट की सुविधा
    • 974    – स्कूलों में कोई सुविधा नहीं
    • 823    -सरकारी स्कूलें
    • 343    – स्कूलें अनुदान पर
    • 357    -गैर अनुदानित स्कूलें