इतिहास बनता जा रहा टेलीफोन

भंडारा (का). बदलते दौर में अब टेलीफोन का उपयोग कम होने लगा है. मोबाइल के इस वर्तमान युग में स्मार्ट मोबाइल का उपयोग करनेवालों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण टेलीफोन केवल आफिस तक ही सीमित होकर रह गए हैं. आरंभ में काले रंग के टेलीफोन हुआ करते थे, लेकिन बदलते दौर में लाल, हरे, रंग के टेलीफोन यंत्र आने लगे. लेकिन अब मोबाइल ही सब कुछ हो गया है. टेलीफोन घर, दूकान दोनों से दूर होता जा रहा है, आने वाले दिनों में टेलीफोन इतिहास बन जाएगा और लोगों के बीच यह बात चर्चा का विषय बनेगी कि ट्रिंग-ट्रिंग बजने वाली टेलीफोन की घंटी की आवाज पूरी तरह से खामोश होती दिखाई दे रही है.