बढ़ने लगी है ZP चुनाव की सरगर्मिया,  इच्छुकों द्वारा दी जा रही है दस्तक

    तुमसर . तहसील में  जिप चुनाव की आहट आने लगी है. राज्य में उपचुनाव की घोषणा होने से ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों में आशा की किरण जाग उठी है. गत एक वर्ष से चुनाव की घोषणा ठंडे बस्ते में होने से संबंधितों के जेब खाली हो रहे हैं. वहीं दूसरी ओर गांव के विकास कार्य अवरुद्ध हुए है. ग्रामीण क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. जिन्‍हें चुनाव लड़ना है वे सक्रिय हो गए हैं. गांवों में वह दस्‍तक देने लगे है. 

    चुनाव की तिथि का इंतजार

    चुनाव की तिथि का इंतजार करते हुए संभावितों की नजरें थक चुकी है. लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण चुनाव आयोग द्वारा घोषणा नहीं की जा रही है. जब अन्य राज्यों में चुनाव लिए जा रहे हैं तब जिले में क्यों नहीं, यह सवाल तहसील रायुकांध्यक्ष ठाकचन्द मुंगुसमारे ने किया गया है. उन्होंने बताया कि, जुलाई 2020 में जिप एवं पंस सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासन द्वारा प्रशासक की नियुक्ति की गई हैं.

    विकासकार्यों पर लगा ब्रेक

     इस कारण ग्रामीण क्षेत्र के विकास कार्यों को 12 माह से पूरी तरह से ब्रेक लग चुका है. ग्रामीणों के कामकाज में बाधाएं निर्माण हो रही है. अधिकारी वर्ग ग्रामीणों के साथ उचित व्यवहार नही करते है. उन पर किसी का दबाव नहीं होने से वे अपनी मनमानी करते हैं. इस कारण मुंगुसमारे ने तत्काल चुनाव की घोषणा करने की मांग की गई है.

    दूसरी ओर चुनाव मैदान में भाग्य आजमाने वाले सक्रिय हुए हैं. तो भावी प्रत्याशी का पोस्टर-बैनर लगाकर उनके समर्थक प्रचार-प्रसार करने में जुट गए हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से भी जनता तक पहुंचने का प्रयास चल रहा है. इस क्रम में गांवों में तरह-तरह के कार्यक्रम कर लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है.

    इसके चलते इन दिनों गांवों में भोज, खेल प्रतियोगिता आदि कई तरह के कार्यक्रम हो रहे हैं. इससे संबंधितों के लाखों रुपये बर्बाद हो रहे हैं.  भावी प्रत्याशी अपने अपने क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं. कई राजनीतिक ऐसे हैं जिनका क्षेत्र आरक्षित होने से एवं वे अपने रिश्‍तेदार को मैदान में उतारेंगे.