मक्का पर फौजी इल्ली का प्रकोप, झुंड में करता है हमला, समय पर उपाय करना जरूरी

    भंडारा. पिछले कुछ वर्षों में राज्य में मका के साथ-साथ कुछ ज्वार, गन्ना एवं कपास की फसलों पर नए फौजी इल्ली पाए जाने की घटनाएं कम हुई है. चालू सीजन में बोई जाने वाली मक्का की फसल में भी कुछ जगहों पर मामूली कमी दिख रही है.

    फॉल फौजी इल्ली एक बारहमासी कीट है जो 100 से अधिक पौधों को खाता है. इस कीट के फैलने की रफ्तार  बहुत अधिक होती है एवं पतंगे अपने अंडे देने से पहले 500 किमी तक सफर कर सकते हैं. पतंग एक रात में 100 किमी उड़ती है. यात्रा कर सकता है. हवा की गति अनुकूल रही तो 30 घंटे में 1,600 किमी तक पहुंचने का रिकॉर्ड है. इस कीट का जीवन चक्र वर्ष भर रहता है एवं इसके जीवन चक्र में निष्क्रियता नहीं होती है.

    Y आकार करें पहचान

    कीट की पहचान का मुख्य चिन्ह लार्वा के सिर के अग्र भाग पर विपरीत वाय-आकार का निशान होता है एवं शरीर के अंत में दूसरे खंड पर चार वर्ग बिंदु दिखाई देते हैं एवं उस स्थान पर बाल भी पाए जाते हैं. यह कीट कुछ दिनों में फसल पर हमला करता है क्योंकि यह झुंड में हमला करता है. इसलिए इस कीट के दिखाई देते ही समय पर उपाय करना आवश्यक है. इस पृष्ठभूमि में  मका पर नए फौजी इल्ली के प्रकोप के मामले में किसानों से  उपाययोजना बनाने का आग्रह किया गया है.

    खेत को साफ एवं खरपतवार मुक्त रखें

    बीज प्रक्रिया के तहत बनाए गए बीजों का प्रयोग करना चाहिए. फसल चक्रण करना चाहिए. एक ही खेत में बार-बार मक्का  की खेती से बचें.

    मक्के की फसल के चारों ओर ट्रैप नेपियर घास तथा मका की फसल में अंतरफसल लगाना चाहिए. कीड़ों के प्राकृतिक शत्रुओं को आकर्षित करने के साथ-साथ उनके पालन-पोषण के लिए गेंदा, गाजर, तिल, सूरजमुखी, सीताफल, डिल आदि को बांध पर लगाया जाना चाहिए.

    पक्षियों द्वारा फॉल फौजी इल्ली कीड़ों के प्राकृतिक नियंत्रण के लिए पक्षियों को आकर्षित करने के लिए प्रति एकड़ 10 10 बर्ड स्टॉप स्थापित किए जाने चाहिए. फसल की बिजाई के तुरंत बाद प्रति एकड़ 4 कामगंध जाल बिछाकर कीड़ों का नियमित निरीक्षण/सर्वेक्षण करना चाहिए. खेत को साफ एवं खरपतवार मुक्त रखें ताकि कीड़ों के लिए वैकल्पिक फसलें उपलब्ध न हों.

    नवजात समूह के कीट लार्वा एवं लार्वा को हटा देना चाहिए. बताए गए कीटनाशाक का प्रयोग करना चाहिए. इसमें 9:1 के अनुपात में रेत या मिट्टी + चूना पत्थर का मिश्रण फसल की क्यारी में छोड़ देना चाहिए. ट्रैप या मुख्य फसल पर एक कीट प्रति दिन एक कीट या 5% कीड़ों के संक्रमण के मामले में, पहले 5% नीम के अर्क 5 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें. इसके अलावा कई अन्य उपाय भी बताए गए हैं. अधिक जानकारी कृषि विभाग से संपर्क करने का आह्वान किया गया है.

    रासायनिक कीटनाशक से बचें  

    चारा के लिए लगायी गयी मक्का की फसल पर रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव से यथासंभव बचना चाहिए. यदि रासायनिक कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है, तो अंतिम छिडकाव एवं चारा फसल की कटाई के बीच कम से कम 30 दिनों का अंतर होना चाहिए एवं कीटनाशकों को लागू करते समय सावधानी बरतनी चाहिए.