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पालांदूर. ग्रामीण क्षेत्र में अर्थव्यवस्था का मूलाधार समझा जाने वाले साप्ताहिक बाजार वैश्विक महामारी कोरोना के मद्देनजर लगायी गई तालेबंदी में शिथिलता के बाद अब मिशन बिगिन के अंतर्गत जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाले साप्ताहिक बाजार को नियम-शर्तों के साथ शुरू करने की अनुमति दी है, इस वजह से ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाला साप्तहिक बाजार अब फिर से गुलज़ार होंगे.   

कोरोना विषाणु के कारण होने वाले कोविड-19 के फैलाव को रोकने के उसकी चेन तोड़ने के लिए सरकार ने तीन माह की तालेबंदी की थी, उसके बार चरणबद्ध तरीके से तालेबंदी शिथिलीकरण हो रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले साप्तहिक बाजार शुरु करने के संदर्भ में सरकार की ओर से लिए गए  निर्णय की घोषणा न करके इस बाजार की विभिन्न वस्तुओं की बिक्री करके अपनी भूख मिटाने वालों की स्थिति बड़ी दयनीय हो गई है. कोरोना काल में साप्ताहिक बाजार न लगने के कारण ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था डगमगा गई है.

नई व्यवस्था के अनुरूप कंटेटमेंट जोन के अतिरिक्त अलर-अलग पर लगाई गई व्यावसायिक प्रदर्शनी शुरु करने की अनुमति की दी गई है. प्रतिबंधित क्षेत्र बाहर के स्कूल के 50% शिक्षक तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए शाला में उपस्थित रह सकेंगे. इसके तहत कौशल्य विकास संस्था, केंद्र आणि केंद्र तथा राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रशिक्षण दिया जा सकेगा.सभी सरकारी तथा निजी ग्रांथालय के कोविड-19 के उपाय, सोशल डिस्टेंन्सिंग,सैनेटाइजर का उपयोग जैसे प्रतिबंधात्मक उपाय योजना शुरु की जा सकती है. उद्यान, बगीचे,पार्क मनोरंजन के लिए खुले रखे जा सकेंगे.