Government's big decision amid rising corona virus case in England, now all adults will be screened twice in a week
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    भंडारा. मैं मास्क न पहनूं !. मैं जहां मर्जी वहां थूकूं !. मैं भले हाथ न धोऊ! क्या फ़र्क़ पड़ता है? की लोगों की मानसिकता. दूसरी ओर सख्ती एवं कड़े कदम उठाने से परहेज कर रही जिला प्रशासन की अजीबोगरीब नीति का खामियाजा भंडारा जिले को उठाना पड़ सकता है. अभी मार्च एंड भी नहीं-नहीं हुआ है. 17 मार्च के बाद हर दिन 100 से ज्यादा एवं पिछले 4 दिन से 200 से ज़्यादा पाजिटिव मरीज निकल रहे है. दु:ख की बात है कि नागरिक एवं जिला प्रशासन में इसमें कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है.

    क्या अप्रैल में हालात बिगड़ेंगे

    अगर इन आंकड़ों की पिछले से तुलना की जाए. पिछले वर्ष 31 मार्च तक जिले में कोई पाजिटिव नहीं था. पहला मरीज 27 अप्रैल को मिला था. यह तुलना बताने के लिए काफी है कि अगर वर्तमान में ही भंडारा जिले में सक्रिय मरीज 1,714 है. अप्रैल एवं मई में स्थिति भयावह होगी. सावधानी इसी में है कि भले सरकार एवं जिला प्रशासन कदम  उठाए या न उठाए. लोग खुद अपनी फिक्र करें. इसी में भलाई है.

    मार्च में ग्राफ बढ़ा

    दिसम्बर अंत तक हालात पूरी तरह से काबू में आ गए थे. जनवरी प्रारंभ में प्रतिदिन पाजिटिव आंकड़ा 40 से 68 तक पहुंच गया. लेकिन जनवरी अंत तक यह 8 तक गिर गए थे. 25 फरवरी के दौरान पाजिटिव मरीजों की संख्या 10 से 20 के दौरान थी. लेकिन 21 फरवरी से आंकड़े बढ़ने लगे. 17 मार्च के बाद तो ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है. अब जब हर दिन 200 या उससे ज़्यादा मरीज पाजिटिव निकल रहे है. चिंता होना स्वाभाविक है कि भंडारा में पहला मरीज पाजिटिव की बरसी यानी 27 अप्रैल. आते-आते क्या स्थिति होगी? ज्यादातर लोग जो प्रशासन को सहयोग करने का मानसिकता रखते है. मौजूदा स्थिति में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर उनमें बेहद आक्रोश है.

    1,591 में मिले 200 मरीज

    शनिवार को 1591 की जांच की गयी. इसमें 200 के पाजिटिव होने की पुष्टि हुई. यह 12.57 प्रश है.  जिले में अब तक थ्रोट स्वैब के 1 लाख 71 हज़ार 263 परीक्षण हुए हैं. इसमें 16. 350 लोग कोरोना पाजिटिव पाए गए. यह 9.54  प्रश है.  शनिवार को 149 मरीज ठीक होकर घर गए. इसके साथ ही स्वस्थ रोगियों की संख्या 14. 301 हो गई है. रोगियों रिकवरी दर 87.46  प्रश है. उल्लेखनीय है कि 31 दिसम्बर को यह 94.76  प्रश थी.

    सभी तहसील में बढ़े मरीज

    अब तक भंडारा तहसील में पाजिटिव मरीज बढ़ रहे थे. लेकिन अब कोरोना पूरे जिले में पैर पसार रहा है. भंडारा तहसील में 64. मोहाड़ी तहसील में 15, तुमसर तहसील में से 32. पवनी तहसील में 30. लाखनी तहसील में 44. साकोली तहसील में 13 और लाखांदुर तहसील में 2 का समावेश हैं.

    1 की मृत्यु

    भंडारा जिले में शनिवार को 1 की कोरोना से मृत्यु हुई. जिले में कुल मौतों की कुल संख्या 335 पहुंच गया है. इस प्रतिशत 2.04  प्रश है.

    पिछले साल 27 अप्रैल को मिला था पहला मरीज

    पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद समूचे देश में 25 मार्च से लाकडाउन लगा दिया गया था. उस समय में भंडारा में एक भी मरीज नहीं था. बाहरी जिले से आने वालों को 28 दिनों के होम क्वारंटाइन में रहने के लिए कहा जाता था. संदिग्ध मामले में मरीजों को आइसोलेशन किया जाता था.

    पिछले साल पहला मरीज 27 अप्रैल को मिला था. 14 मई को जब लाकडाउन की-की हाफ सेंचुरी हो गयी. इन 50 दिनों में लगाए गए कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे. 15 मई तक भंडारा जिले में केवल एक पाजिटिव मरीज की पुष्टि हुई थी. उसकी शेष दोनों रिपोर्ट निगेटिव्ह रहने की वजह से भंडारा जिला आरेंज से ग्रीन जोन में पहुंच चुका था. 31 मई को जिले में यह पाजिटिव्ह मरीजों का आंकड़ा 29 तक पहुंच चुका था.