समय का नियोजन ही है प्रगति का मूलाधार, तहसीलदार शेवाले का प्रतिपादन

लाखांदूर. पुलिस भर्ती या अन्य स्पर्धा परीक्षाओं की तैयारी हर किसी को योजनाबद्ध तरीके से करनी चाहिए. स्पर्धा परीक्षाओं की तैयारी का कार्यक्रम बनाकर उसके अनुसार तैयारी करने वालों को स्पर्धा के समय- समय किन बातों की ओर ध्यान देना चाहिए, इस ओर ध्यान आकृष्ट किया गया है.  समय का नियोजन ही सफलता का मुख्य कारण है. सफलता ही परिश्रम का दूसरा नाम है, ऐसा पतिपादन लाखांदूर के परिविक्षाधीन तहसीलदार प्रदिप शेवाले ने किया.

शेवाले लाखांदूर पुलिस विभाग के अंतर्गत यहां के जि.प.कनिष्ठ महाविद्यालय के सभागृह में आयोजित मार्गदर्शन शिबिर के अंतंर्गत आयोजित कार्यशाला में वे बोल रहे थे. यह कार्यशाला18 नवंबर को सुबह10:30 बजे आयोजित की गई थी. उन्होंने आग् कहा कि पुलिस भर्ती के लिए आवश्यक पाठ्यक्रम, शारीरिक जांच भी महत्वपूर्ण है, इसके लिए हर किसी को अपना लक्ष्य निश्चित करना होगा.

स्पर्धा परीक्षा के संबंध में बोलते समय अक वक्ता ने कहा कि निश्चित किए गए पाढ्यक्रम के अतिरक्त जानकारी कैसे ली जाए, इसके लिए प्रामाणिक प्रयत्न करना जरूरी होने की जानकारी भी इस दौरान दी है.

लाखांदूर के पुलिस उपनिरीक्षक संदीप ताराम, अमोल कोकाटे के नेतृत्व में आयोजित किए गए इस कार्यशाला में कई मार्गदर्शकों की उपस्थिति समेत लाखांदूर न.प.के मुख्याधिकारी सौरभ कावले, आयकर अधिकारी शंकर नागपुरे आदि मान्यवर उपस्थित थे. इस शिबिर में तहसील के लगभग 150विद्यार्थियो तथा युवके ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी.

पोलिस विभाग के अंतर्गत तहसील में आयोजित किए गए इस निशुल्क मार्गदर्शन शिबिर में विद्यार्थी, जनता ने उत्साह का वातावरण दिखा दिया. कार्यक्रम के आयोजक पुलिस अधिकारियों की सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है.