तुमसर-तिरोड़ी अंग्रेज कालीन रेलवे लाइन का हो रहा है विद्युतीकरण

  • मध्य भारत को जोड़ने वाले  महत्वपूर्ण मार्ग का हो कायापलट

तुमसर. तुमसर रोड से तिरोड़ी तक अंग्रेजों के जमाने की रेलवे लाइन की वर्तमान में किस्मत चमक रही है एवं इस मार्ग के विद्युतीकरण कार्य को गति मिली है.  इस मार्ग का विद्युतीकरण वर्ष 2021 तक पूरा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. यह मध्य भारत को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण रेलवे लाइन है.

अंग्रेजों ने सतपुड़ा रेंज में मैंगनीज के परिवहन के लिए तुमसर एवं तिरोड़ी के बीच 42 किमी लंबी रेलवे लाइन का निर्माण किया था. इस मार्ग का कार्य वर्ष 1928 में पूरा हुआ था. वर्तमान में  तिरोड़ी-कटंगी 12 किलोमीटर रेलवे लाइन का काम चल रहा है. तिरोड़ी वर्तमान में मध्य प्रदेश का अंतिम रेलवे स्टेशन है.  भविष्य में तुमसर-तिरोड़ी-कटंगी एवं बालाघाट रेलवे लाइन अस्तित्व में आने की संभावना है. यह मध्यप्रदेश के जबलपुर पँहुचने के लिए कम समय एवं कम खर्च वाला मार्ग होगा.

प्रारंभ यह ट्रेन कोयले एवं फिर डीजल इंजन पर चल रही है. आगामी दिनों यह ट्रेन बिजली से चलेगी. अंग्रेजों ने मध्य प्रदेश में तिरोड़ी एवं महाराष्ट्र में डोंगरी एवं चिखला खानों की खोज की गई थी. खदानों में से  मैंगनीज को उठाकर परिवहन करने के लिए इस मार्ग पर रेलवे पटरिया बिछाई गई थी.  कुछ जगहों पर पत्थर तोड़कर रेलवे लाइन बनाई गई थी.

इस मार्ग पर 8 प्रमुख रेलवे स्टेशन है. इसमें तुमसर टाउन, गोबरवाही, डोंगरी, तिरोड़ी प्रमुख स्टेशन है.  लेकिन कुछ रेलवे स्टेशनों के अलावा अन्य जगहों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है.  इस मार्ग पर यात्री ट्रेनें दिन में चार बार चलती थी. वर्तमान में कोरोना संक्रमण के चलते पैसेंजर ट्रेन बंद की गई है.

तिरोड़ी-कटंगी रेलवे लाइन एवं विद्युतीकरण के अस्तित्व के बाद मध्य प्रदेश के साथ आर्थिक एवं व्यापारिक संबंध बनाने में मदद मिलेगी. यहां नागपुर, जबलपुर जैसी एक सीधी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा, जिससे तहसील के यात्रियों को लाभ मिलेगा.