न्याय दिलाने शुरू करें यूनिफेरो कारखाना  लोगों ने पटेल एवं पटोले से की पहल करने की मांग

     तुमसर. कोरोना संक्रमण के चलते राज्य में 15 माह के भीतर किये गए लॉकडाउन के कारण बड़े शहरों के अनेक छोटे-छोटे प्लांट बंद होने से सैकड़ों युवा एवं मजदूर वर्ग अपने गृहग्राम लौट आए हैं. वर्तमान में वे बेरोजगारी का जीवनयापन कर रहे हैं. ऐसे समय में क्षेत्र के बंद पड़े यूनिफेरो कारखाने को शुरू करवाने की दिशा में सांसद प्रफुल पटेल एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले द्वारा सार्थक पहल की आवश्यकता है.

    21 वर्षों से बंद है कारखाना 

    लगभग 21 वर्ष से बंद पड़े यूनिवर्सल फेरो अलाइज कारखाने के मालिक ने 3 वर्ष पूर्व बिजली बिल माफ करवाकर अपने वादे से मुकर गए थे. उन्होंने सरकार एवं जनता के साथ धोखाधड़ी कर स्वयं का स्वार्थ सिद्ध किया था. इस कारण राज्य की भाजपा सरकार द्वारा जो कार्य नहीं किया गया था. वह महाविकास आघाड़ी सरकार द्वारा  कारखाना मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करें एवं सरकार के माध्यम से कारखाना शुरू करवाकर क्षेत्र में बेरोजगारी से पीड़ित लोगों के  साथ न्याय करने की मांग बेरोजगारी की मार झेल रहे लोगों ने सरकार से की है. उन्होंने यूनिफेरो कारखाना शुरू कर स्थानीय लोगों को फिर से रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की गई है. 

    सरकार के माध्यम से शुरू करें कारखाना 

    वर्षों से कारखाना बंद होने के कारण क्षेत्र में बेरोजगारी त्रासदी बन चुकी है. इस बीच कुछ लोग काम करने के लिए बड़े शहरों में गए थे. लेकिन समय समय पर किए गए लॉक डाउन के कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है. इस कारण वे अपने गांवों में आकर बेरोजगारी का जीवन व्यतीत कर रहे हैं.

    वर्तमान समय में नये कारखाने की नींव रखना काफी टेढ़ी खीर है. इस कारण यूनिफेरो कारखाने को सरकार के अधीन लेकर शुरू करने की पहल करनी चाहिए. इससे तुमसर एवं मोहाड़ी तहसील के लोगों को नौकरियां उपलब्ध होगी. साथ ही विकास को भी गति मिलेगी. इसके पूर्व सरकार ने राज्य के अनेक बंद पड़े कारखाने को अपने अधीन लेकर शुरू किए गए थे. वहीं फार्मूला अपनाते हुए यूनिफेरो कारखाना शुरू करना चाहिए. कारखाना बंद होने से रेलवे प्रशासन तुमसर रोड, ग्रापं जल वितरण विभाग का भी भारी नुकसान हो रहा है. वर्षों से तुमसर रोड रेलवे जंक्शन से यूनिफेरो कारखाने तक रेलवे की पटरियां बिछी हुई हैं. वीरान पड़ी कारखाने की इमारत एवं खाली भूमि का ग्रापं को टैक्स प्राप्त नहीं हो रहा है. 

    मायल ले सकता है अपने अधीन

    यूनिफेरो कारखाना, मायल से संबंधित होने के कारण इस कारखाने को मायल द्वारा हस्तगत कर शुरू करने के निर्देश दिए जाए इससे मायल को लाभ होने के साथ ही क्षेत्र के बेरोजगारों को नौकरियां उपलब्ध होंगी. वर्ष 2014 में चिखला परिसर के लोगों द्वारा मायल के तत्कालीन सीएमडी जे.पी. कुंदरगि से परिसर में मायल अंतर्गत कारखाना शुरू करने की मांग की गयी थी. तब उन्होंने मायल के माध्यम से कारखाना शुरू करने का आश्वासन भी दिया था. लेकिन आज तक इस दिशा में कोई पहल नहीं कि गई हैं.

    रॉ मटेरियल के माध्यम से करोड़ों कमाए

    कारखाना मालिक द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कारखाना परिसर में पड़ा रॉ मटेरियल बेचकर करोड़ो रुपए उगाए लेकिन कारखाना शुरू करने के बारे किसी तरह की पहल नहीं दिखाई है. जबकि बिजली बिल माफ करवाते समय उन्होंने सरकार को आश्वस्त किया गया था कि, वह शीघ्र ही कारखाना शुरू करेंगे. लेकिन 2 वर्ष बीतने के बाद भी किसी तरह की कार्यवाही नहीं की गई है. भाजपा सरकार से 200 करोड़ माफ करवाने के बाद जनप्रतिनिधियों द्वारा किसी तरह का दबावतंत्र नहीं लाने से कारखाना मालिक के हौसले बुलंद हुए हैं.