समृद्धि महामार्ग से भंडारा गोंदिया वंचित क्यों ?

  • पटोले एवं पटेल करें प्रयास
  • महामार्ग भंडारा गोंदिया से क्यों नहीं : आएगा अरबों का निवेश

– विजय खंडेरा

भंडारा. जब जब महाराष्ट्र एवं विदर्भ के विकास की बात होती है, पता नहीं क्यों ? भंडारा एवं गोंदिया को नज़रअंदाज़ ही किया जाता है. ठीक यही बडी भूल समृद्धि महामार्ग में हुई है. विदर्भ एवं मराठवाडा के विकास का सपना दिखा कर साकार होनेवाले इस समृद्धि महामार्ग को नागपुर की बजाए भंडारा या गोंदिया  से शुरू करना यह लाभ एवं सुविधा की दृष्टि से फ़ायदेमंद हो सकता है. अब जब प्रफुल पटेल एवं नाना पटोले यह दो बडे नाम राज्य की सरकार की स्थायीत्व एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है, समृद्धि महामार्ग को भंडारा या गोंदिया तक बढाने में किंतु परंतु जैसे शब्दों की भी आवश्यकता नहीं रह जाती. अलबत्ता राजनीतिक महत्वाकांक्षी की आवश्यकता जरूर होगी.

पिछली मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने  मुंबई – नागपुर समृद्धि महामार्ग की आधारशिला रखी थी. मराठवाडा-विदर्भ विकास एवं यायातात, उद्योग, व्यापार को बुस्ट करने एवं रोज़गार के ढेरों अवसर उपलब्धता की दृष्टि से इस प्रकल्प की भूरी भूरी प्रशंसा भी हुई. जिस समय समृद्धि महामार्ग की घोषणा हुई. इसमें भंडारा गोंदिया का समावेश क्यों नहीं है ? यह सवाल जरूर उठे थे. किंतु भंडारा गोंदिया के भाजपाई पूरजोर तरीके से पक्ष नहीं रख पाए थे. इसके अलावा तत्कालीन सत्ताधीश को प्रफुल पटेल एवं नाना पटोले की उपस्थिति की एलर्जी की चर्चा थी.

क्या होगा लाभ

फिलहाल नागपुर से मुंबई की 812 किमी दूरी तय करने के लिए 14 घंटे लगते है. महामार्ग साकार होने पर यह दूरी 700 किमी रह जाएगी एवं सफर 8 घंटे में पूरा होगा. इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के हिसाब से महामार्ग निर्माण होगा. एमएसआरडीसी की निगरानी में निर्माण होगा.

मुंबई जवाहरलाल नेहरु पोर्ट से नागपुर के मिहान सीधे जुड जाएंगे. यात्रियों के साथ ही माल की शीघ्र यातायात संभव होगी. समय एवं पैसे की बचत होगी.

भंडारा गोंदिया क्यों

नागपुर के पश्चात वर्धा, अमरावती, यवतमाल, वाशिम, अकोला, बुलढाणा, जालना, औरंगाबाद, अहमदनगर, नाशिक, ठाणे होते हुए मुंबई में महामार्ग समाप्त होगा. पिछले कुछ दशकों में भंडारा एवं गोंदिया यह कृषि उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से उभरे है. विदर्भ में सर्वाधिक धान एवं दूध उत्पादन इन दोनों जिले में होता है. नदी एवं तालाबों से बढे सिंचाई क्षेत्र की वजह से भंडारा जिले में सब्जी उत्पादन का तेजी से बढा है. भंडारा गोंदिया से प्रतिदिन सैकडों ट्रक सब्जियां रवाना होती है. रेत उत्पादन की वजह से प्रतिदिन सैकडों ट्रक नागपुर की ओर रवाना होते है.    

पटेल एवं पटोले करें प्रयास

महाआघाडी में शामिल नेताओं की माने समृद्धि महामार्ग में भंडारा गोंदिया का समावेश संभवतः इसीलिए नहीं हुआ था. क्योंकि वे पटोले एवं पटेल इन नामों से एलर्जी रखते थे. लेकिन अब जब सत्ता में महाआघाडी की सरकार है. विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले यह भंडारा गोंदिया की मिट्टी से जुडे है. प्रफुल पटेल यह सत्ता के बेहद करीब है. नाना पटोले एवं प्रफुल पटेल अगर चाहे तो समृद्धि महामार्ग को भंडारा गोंदिया तक बढाना असंभव नहीं है.

खरबों को निवेश आएगा : प्रशांत मिश्रा

मूल भंडारावासी एवं लेकिन अपनी प्रतिभा के बल पर अमेरिका में सफलता के झंडे गाड चुके प्रशांत मिश्रा क्लिक टू क्लाउड कंपनी इस मल्टीनेशनल कंपनी के संचालक भी है. पूर्व विदर्भ के समस्या एवं निराकरण पर वे लंबे समय से काम कर रहे है. पूर्व विदर्भ जंगल, पानी, खनिज, कृषि संपदा से संपन्न है. नए उद्योंगों की स्थापना के लिए अगनित अवसर है. उन्होने बताया कि समृद्धि महामार्ग को नागपुर की बजाए भंडारा गोंदिया तक बढाने से पूर्व विदर्भ में खरबों रुपयों का निवेश आएगा. समृद्धि महामार्ग अपने अर्थ को साकार करेगी. गोसीखुर्द के अतिरिक्त पानी को इस महामार्ग के किनारे पाइपलाइन बिछा कर मुंबई वासियों की भी प्यास बुझायी जा सकती है.