वीआईपी की एनडीए में एंट्री, भाजपा ने अपने कोटे से दीं 11 सीटें

पटना: भाजपा (BJP) ने मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) नीत विकासशील इंसान पार्टी (Vikasshil Insan Party) (वीआईपी) को बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) में अपने कोटे की 121 सीटों में से 11 सीटें देने की बुधवार को घोषणा की। साथ ही वीआईपी बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा भी बन गई।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, चुनाव प्रभारी एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी तथा वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी की उपस्थिति में संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी गई।

भगवा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘भाजपा ने अपने कोटे से वीआईपी पार्टी को विधानसभा की 11 सीटें दी हैं एवं भविष्य में विधानपरिषद की भी एक सीट देंगे।”

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही बिहार विधानसभा चुनाव के लिये राजग में सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया गया था, जिसके तहत भाजपा को 121 सीटें मिलीं जबकि जद(यू) के हिस्से में 122 सीटें आईं। जद(यू) ने अपने खाते से जीतनराम मांझी की ‘हम’ पार्टी को सात सीट दी हैं।

बिहार के 40 फीसदी अति-पिछड़े समाज के नेता मुकेश सहनी
भाजपा के प्रदेश प्रभारी भूपेंद्र यादव ने ट्वीट किया, ‘‘बिहार विधानसभा चुनाव में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) राजग का हिस्सा है। इस चुनाव में भाजपा अपने कोटे से 11 सीटें मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी को दे रही है। भाजपा समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने और सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व मजबूत करने वाला दल है।” वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी को पिछड़ों-अतिपिछड़ों से कोई मतलब नहीं है। हमें खुशी है कि हमारे साथ बिहार के 40 फीसदी अति-पिछड़े समाज के नेता मुकेश सहनी आ गए हैं।”

उल्लेखनीय है कि मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी कुछ दिनों पहले विपक्षी महागठबंधन से अलग हो गई थी। राजद नीत महागठबंधन द्वारा घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे की घोषणा किये जाने के दौरान वीआईपी के सीटों की संख्या नहीं बताने से सहनी नाराज हो गए थे और प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर बाहर चले गए थे।

बॉलीवुड के पूर्व सेट डिजाइनर सहनी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि एक पक्ष (राजद नीत महागठबंधन) ने पीठ में खंजर घोंपने का काम किया जबकि दूसरे पक्ष (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने मरहम लगाने का काम किया।