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आए दिन दुनियाभर से ऐसे कई अजीबो-गरीब मामले सामने आते हैं, जो लोगों को हैरान कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला अमेरिका में सामने आया है, जहाँ एक शख्स के खून में मशरूम उगने लगा था। जी हाँ, यह मामला इतना अजीब है कि सभी लोग इसे जानकर हैरान हो गए हैं कि कैसे किसी के खून में मशरूम उग सकता हैं। जिस शख्स के खून में मशरूम उगने लगा था, उसकी हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उसे ICU में भर्ती करवाना पड़ा था। 

महज़ 30 वर्ष के इस व्यक्ति ने अमेरिका में मैजिक मशरूम से बनी चाय को इंजेक्शन के ज़रिए शरीर में इंजेक्ट कर लिया था। जिसके बाद उसकी हालत बेहद बिगड़ने लगी थी और उसे तुरंत हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था।

ब्लड में इन्फेक्शन-
अमेरिका की क्रेटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसीन ने इस मामले पर रिसर्च की। जिसके बाद पता चला कि या व्यक्ति पहले से ही बाइपोलर डिसऑर्डर और डिप्रेशन की बीमारी को फेस कर रहा था, साथ ही वह अफीम का नशा भी किया करता था। जिसके बाद खुद का इलाज करने के लिए उसने सिलोसायबिन मशरूम से तैयार चाय को शरीर में इंजेक्ट किया। वहीं व्यक्ति के हॉस्पिटल में जाँच के दौरान पता चला कि उसके ब्लड में फफूंद और बैक्टीरिया के संक्रमण मौजूद थे।

इंटरनेट पर खोज ये तरीका-
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यह शख्स खुद का इलाज करने के लिए इंटरनेट पर आए दिन अलग अलग तरह की तरकीब खोजता रहता था। फिर उसे इंटरनेट पर एक रिसर्च मिली। जिसमें दावा किया गया था कि मैजिक मशरूम में ऐसे तत्व होते हैं, जो डिप्रेशन को घटाने में उपयोगी होते हैं। इसी रिसर्च से प्रेरित होकर अमेरिकी शख्स ने बिना किसी डॉक्टरी सलाह के कई दिनों तक शरीर में मशरूम की चाय को इंजेक्ट किया।

गंभीर लक्षण-
कई दिनों जब उस व्यक्ति ने चाय को अपने शरीर में इंजेक्ट किया। उसके बाद उसे जॉन्डिस, डायरिया, बेहोशी और सुस्ती जैसे लक्षण दिखने लगे। यह लक्षण इतने गंभीर होने लगे थे कि  उसके फैमिली ने फिर उसे आईसीयू में भर्ती कराया। वहां जांच होने के बाद पता चला कि मरीज की स्किन पीली पड़ गई थी, होंठ हल्के नीले पड़ गए थे, नाखून का आकार बिगड़ रहा था और पेट में दर्द भी महसूस होने लगा था।

ऑर्गन भी फेल-
रिपोर्ट के अनुसार, मरीज में ऑर्गन फेल होने के भी लक्षण दिखने लगे थे। ब्लड रिपोर्ट में बैक्टीरिया और फंगस के संक्रमण की पुष्टि भी हो चुकी थी। जिसके बाद हॉस्पिटल में मरीज का कुल 22 दिन तक इलाज चला। जिसमें से  8 दिन वह आईसीयू में भर्ती रहा। डॉक्टर्स का कहना था कि इस व्यक्ति को बहुत मुश्किल से बचाया गया है। वहीं इस संदर्भ में वैज्ञानिकों का कहना है, लोगों को इन सब चीजों को लेकर जागरूक होने की बेहद आवश्यकता है। बिना किसी डॉक्टरी के सलाह के लोगों को कुछ भी प्रयोग करने से बचना चाहिए।