What did Akshay Kumar do, which he did not do in the last 18 years, bel bottomWhat did Akshay Kumar do, which he did not do in the last 18 years, bel bottom

-गीता आंब्रे 

स्कॉटलैंड. बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार फिटनेस के मामले में कितने परफेक्ट हैं, यह उनकी बॉडी को देख पता चल ही जाता है। टाइम पर खाना, टाइम पर सोना और सुबह जल्दी उठना यही उनकी दिनचर्या का मूल मंत्र है। लेकिन अब अक्षय कुमार ने कुछ ऐसा कर दिया, जिसे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। खिलाड़ी कुमार ने इस बार वो कर दिखाया जो उन्होंने पिछले 18 सालों में नहीं किया।

अक्षय कुमार फिलहाल बेलबॉटम फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं और इसके लिए वो स्कॉटलैंड गए हुए हैं। लेकिन इस बार वो कुछ इस तरह की शूटिंग कर रहे हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं की। जी हां, एक्टर इस बार अपने 18 साल से चले आ रहे पैटर्न से अलग काम कर रहे हैं। दरअसल, पहले एक्टर स्कॉटलैंड गए और वहां 14 दिन के लिए क्वारंटाइन रहे और उसके बाद उन्होंने काम शुरू किया है। यानी टीम के 14 दिन यूं ही खराब हो गए। ऐसे में कास्ट और टीम पर प्रेशर है कि उन्हें जल्द से जल्द स्कॉटलैंड के शेड्यूल को पूरा करना है और फिल्म की टीम भी इसे पूरा करने में लगी है।

सुनने में आया है कि अक्षय कुमार पिछले करीब 18 साल से एक दिन में सिर्फ 8 घंटे ही काम करते आ रहे हैं। लेकिन अब अक्षय ने अपनी टीम को डबल शिफ्ट में काम करने के लिए कहा है, अब प्रोड्यूसर के पैसे बचाने के लिए दो यूनिट शूटिंग कर रही है और सभी कास्ट डबल शिफ्ट में काम कर रही है। इस दौरान टीम के सामने कोरोना वायरस के डर के बीच सुरक्षा के साथ और ज्यादा काम करना चुनौती है।

निर्माता जैकी भगनानी का कहना है कि अक्षय कुमार 18 साल में पहली बार डबल शिफ्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अक्षय सर वास्तव में एक निर्माता के अभिनेता हैं और उनके साथ काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। वह हर व्यक्ति और हर चीज के बारे में सोचते हैं। ' उन्होंने यह भी कहा, 'अक्षय सर 18 साल में पहली बार डबल शिफ्ट कर रहे हैं। इसलिए जब उन्होंने दो यूनिट का सुझाव दिया तो हम हैरान थे और एक ही समय में उत्साहित थे। उनके काम के अनुशासन और समय के प्रति सम्मान को देखते हुए, सेट पर हर कोई सुपर ऊर्जावान है और अपने सर्वश्रेष्ठ काम कर रहा है। ' ऐसे में अक्षय कुमार एक मेहनती एक्टर के साथ एक पक्के बिजनेसमैन भी बनते जा रहे है, जिन्हें पता हैं कि वक्त की नज़ाकत को देख कब कैसे फैसले लेने चाहिए। जिससे समय और पैसे की बर्बादी को रोका जा सकता है।