Fear of heavy loss of crops, troubles of onion farmers increased

    चिमूर. इस वर्ष खरीफ सीजन को सफल बनाने और  आधुनिक तकनीकी ज्ञान किसानों तक पहुंचाने के लिए राज्य के कृषि विभाग की ओर से 21 जून से 1 जुलाई तक चिमूर तहसील कृषि विभाग के अधिकारी कृषि संजीवनी मुहिम अंतर्गत किसानों के खेत पर जाकर मार्गदर्शन कर रहे हैळ. इस मुहिम की शुरुवात आज तहसील के मासल ग्रापं कार्यालय में किसानों को मार्गदर्शन कर किया गया.

    कृषि मुहिम अंतर्गत कार्यक्रम में तहसील कृषि अधिकारी ने किसानों को फसल की बुआई, खद का उपयोग, बीज प्रक्रिया विषय पर मार्गदर्शन किया. कृषि मंडल अधिकारी गजानन भोयर ने फंगल रोग, धान की रोपाई, तुवर की बुआई, सोयाबीन, कपास आदि पर लगने वाले संभावित रोग विषय पर मार्गदर्शन किया.

    कृषि संजीवनी मुहिम कार्यक्रम अंतर्गत किसानों को तहसील के हर गांव में तहसील कृषि सहायक और कृषि सेवकों के माध्यम से बीज बुआई, बीज प्रक्रिया पध्दति, जमीन स्वास्थ्य पत्रिका के अनुसार खाद का संतुलित उपयोग, एक कपास बीज एक गांव, जो बिके उसकी पैदावार, फल बागवानी और तकनीकी ज्ञान का प्रसार, दो फसलों का उत्पादन बढाने के लिए किसानों की सहभागिता, फसलों पर कीट और रोग नियंत्रण उपाय योयजना विषय पर किसानों को मार्गदर्शन करने वाले है. मुहिम का समापन 1 जुलाई को होगा.

    कृषि तकनीकी ज्ञान में छोटा सा सुधार फसल की बंपर पैदावार दे सकता है. इस वर्ष इसे सफल बनाने के लिए राज्य के कृषि अधिकारी, कृषि संजीवनी मुहिम गांव गांव तक ग्राम पंचायत के माध्यम से किसानों के खेत में जाकर जनजागृति पर मार्गदर्शन कर रहे है. इस अवसर पर सरपंच विकास धरणे, तहसील कृषि अधिकारी ज्ञानदेव तिखे, मंडल अधिकारी गजानन भोयर, कृषि सहायक गौतम टेंभुर्णे, कृषि सेवक बलीराम येवले, पूर्व सरपंच विनोद मोडक,नितेश गणवीर आदि किसान उपस्थित  थे.