नप सदस्य खबूतरे की सदस्यता खतरे में

चिखली. ग्रीन जोन की जमीन को रहवासी जोन में दिखाकर अकृषक करवाने के मामले में चिखली नप की महिला सदस्य पर नप व शासन के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है. चिखली नप अंतर्गत प्रभाग क्रं. १० की पार्षद तथा

चिखली. ग्रीन जोन की जमीन को रहवासी जोन में दिखाकर अकृषक करवाने के मामले में चिखली नप की महिला सदस्य पर नप व शासन के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है.

चिखली नप अंतर्गत प्रभाग क्रं. १० की पार्षद तथा नप की महिला व बालकल्याण समिति में उपसभापति के रूप में पदभार संभालने वाली अर्चना ने शहर के सर्वे नं. १४५/२ में १.४१ हे. आर जमीन को अकृषक कर एनएपी ४ के लिये न.प. में आवेदन आवश्यक दस्तावेज के साथ दिया था. इस मामले में नप के मुख्याधिकारी अभिजीत वायकोस तथा चिखली तहसील के तहसीलदार मनीष गायकवाड़ ने आदेश पारित कर उक्त जमीन को अकृषक कर कानूनी रूप से एनएपी ४ की सनद दी थी. जिसके बाद जमीन के मालिक खबूतरे ने उक्त जमीन पर कटे हुए प्लॉट की बिक्री की.

प्लॉट खरीदी करने वालों ने नाम हस्तांतरण की प्रक्रिया के लिए फाइल दी गई. तब प्रशासन को पता चला कि जिस जमीन को अकृषक कर एनएपी ४ दी गयी है. वह जमीन रहवासी झोन में न आकर ग्रीन जोन में आती है. तब प्रशासन ने अर्चना द्वारा दिये गए आवेदन व दस्तावेजों की छानबीन की तो पता चला कि, आवेदन के साथ दिया हुआ लोकेशन मैप सर्वे नंबर १४५/२ का न होकर सर्वे नंबर १४५ का है. साथ ही आवेदन के साथ जुड़े कई दस्तावेज का इस आवेदन से कोई संबंध नहीं है.

इस मामले को गंभीरता से लेकर न.प. मुख्याधिकारी अभिजीत वायकोस ने तहसीलदार चिखली को पत्र भेजा. साथ ही अर्चना द्वारा न.प. व प्रशासन से धोछाधड़ी कर सर्वे नंबर १४५/२ की जमीन मामले में दिए गए आदेश को निष्कासित करने की बात कही. उस दौरान तत्कालीन तहसीलदार मनीष गायकवाड़ ने भी सभी बातों को गंभीरता से लेकर अर्चना खबूतरे को दिए गए आदेश को रद्द कर नप को और प्रशासन के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया. इस मामले की जांच गंभीरता से कर दोषी पर कठोर कार्रवाई करने की मांग स्थानीय नागरिकों द्वारा की जा रही है.

●हम अनभिज्ञ थे : खबूतरे
तहसीलदार व न.प. मुख्याधिकारी द्वारा दिये गए नोटिस के बाद खबूतरे ने तहसीलदार को ज्ञापन दिया, जिसके अनुसार उन्होंने कहा कि, उनकी जमीन पर ग्रीन झोन होने का उन्हें पता ही नहीं था. इस बात की जानकारी सबंधित विभाग ने हमें न बताकर एक तरह से हमारे साथ भी धोखाधड़ी की है. किसी एक कि शिकायत न होने के बावजूद केवल जानबूझकर हमे तकलीफ देने की बात कही.

नप व प्रशासन को गुमराह किया:वायकोस
● वही अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्याधिकारी अभिजीत वायकोस ने कहा कि, जो व्यक्ति अपने जमीन पर लगा हुआ आरक्षण को मंत्रालय तथा बड़े विभागों में जाकर निकाल कर ला सकता है, उन्हें ग्रीन जोन के बारे में मालूम न होना, यह कैसे संभव है..?

जमीन मालिक ने गैरकानूनी तरीके का इस्तेमाल कर नप व प्रशासन को गुमराह किया है.