नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध

अकोला. नागरिकता संशोधन विधेयक पारित करने के बाद मुस्लिम समाज में इस बिल को लेकर तीव्र विरोध प्रदर्शन किया जा रहा. बिल को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन धरना आंदोलन कर सरकार से बिल को वापस लेने की मांग की जा

अकोला. नागरिकता संशोधन विधेयक पारित करने के बाद मुस्लिम समाज में इस बिल को लेकर तीव्र विरोध प्रदर्शन किया जा रहा. बिल को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन धरना आंदोलन कर सरकार से बिल को वापस लेने की मांग की जा रही है.

पातुर में आंदोलन

पातुर. शुक्रवार को नागरिकता संशोधन विधेयक पारित किए जाने के विरोध में पातुर में भी जमीयत उलमा – ए – हिंद द्वारा पातुर तहसील कार्यालय के सामने धरना आंदोलन किया. आंदोलनकारियों का कहना है कि इस बिल के कारण मुस्लिम समाज पर अन्याय किए जाने का प्रयास किया जाएगा, जो देश के हित तथा अखंडता के लिये खतरा है. जमीयत उलमा – ए – हिंद की ओर से तौसिफ अहमद खान, हाफिज़ कलीमुद्दीन ,मौलवी नजव्वर , मौलवी अफरोज़,नदीम शाद, कृष्णा अंधारे, शमशेर उल हक, अब्दुल करीम आदि उपस्थित थे.

 

जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा मोर्चा राष्ट्रपति के नाम दिया निवेदन

बोरगांव मंजू. लोकसभा में हाल ही में पारित हुए नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में जमीयत उलेमा – ए – हिंद बोरगांव मंजू यूनिट के नेतृत्व में शुक्रवार को दोपहर सभी नागरिक फरशी चौक पर जमा हुए और शांतिपूर्वक मोर्चा निकालकर अकोला के जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे. राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी महोदय को निवेदन दिया गया. निवेदन में कहा गया कि यह बिल पूरी तरह संविधान के खिलाफ है तथा देश में भाईचारे का माहौल बिगड़ सकता है.

 

SDM कार्यालय के सामने प्रदर्शन

शेगांव. हाल ही में नागरिक संशोधन बिल 2019 को मंजूरी मिलने के बाद पूरे देश में जगह-जगह इसका विरोध शुरू हो चुका है. जिसके चलते शेगांव में जमियत उलेमा हिन्द की ओर से तहसील कार्यालय के सामने धरना आंदोलन किया गया. जिसमें शहर के सैंकड़ों नागरिकों ने हिस्सा लिया था. इस समय तहसीलदार को एक ज्ञापन दे कर नागरिक संशोधन बिल का विरोध दर्ज किया गया. इस आंदोलन में मौलवी रहमतुल्लाह, मौलवी नेमत, मौलवी अनीस, मौलवी नईम, हाजी अहमद, हाजी ज़ुबैर अहमद, डा.असलम खान, फ़िरोज़ खान, नईम मेम्बर, आबिद शाह, सैय्यद ज़मीर, रहीम खान साहब अलसना, मौलवी सलीम, बुड़ु जमादार, सहित सैंकड़ों नागरिकों की उपस्थिति थी.

जलगाव जामोद में भी नागरिक संसोधन बिल का विरोध करने के लिए जमियत उलेमा संगठन की ओर से एसडीएम कार्यालय के सामने धरना आंदोलन किया गया.

इस अवसर पर राष्ट्रपति को एसडीएम के द्वारा मांग का निवेदन सौपा गया. जिसमें बिल वापस लेने की मांग की गयी. इस वक्त मौलाना खलील, कारी फारुख, मौलवी अकबर मुफ्ती शोएब, डा.संदीप वकेकर, डा.शाकीर खान, अ.जहीर, सै. बाहोद्दीन, हुसैन राही, सै. नफिस, एजाज देशमुख,आजम कुरैशी आदि उपस्थित थे.

 

नागरिक संशोधन बिल का विरोध

बुलढाना (का). नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 साम्प्रदयिकता से प्रेरित है व उक्त बिल के जरिए केंद्र सरकार देश के मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने का कार्य कर रही है, यह आरोप लगाते हुए, बिल वापस लेने की मांग को लेकर देशभर में शुक्रवार को जिमअत ए उलेमा ए हिंद की ओर से देशव्यापी एक दिवसीय आंदोलन का आयोजन प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी कार्यालय के सामने किया गया. इसी के चलते बुलडाणा जिला कचेरी के सामने सैंकड़ों मुस्लिम बंधुओं ने प्रदर्शन केंद्र सरकार के विरोध में जोरदार नारेबाजी कर बिल के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंप कर बिल वापस लेने की मांग की.

-बिल को लेकर तनाव

ज्ञापन में कहा गया है कि नागरिकता संशोधन बिल 2019 को पारित किया गया है. उक्त बिल के जरिए देश मुस्लिम समुदाय को टारगेट कर परेशान करने का कार्य किया जा रहा है. केंद्र सरकार बिल के जरीए देश की गंगा जमुना तहजीब को खत्म कर देश का एक अलग ही दिशा देने की तैयारी में है, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 में हर व्यक्ति को कानून के सामने समानता दी गई है और राज्य को किसी भी व्यक्ति के प्रति उसके धर्म, जाति या पंथ के आधार पर कानून के सामने भेदभाव करने से रोका गया. ऐसा करना समानता के मूल सिद्धांत के विरूद हैं संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित यह विधेयक संविधान की भावना और इसकी मूल संरचना का उल्लंघन करता है. उक्त बिल को लेकर देश अनेक राज्यों में तनाव निर्माण है, इसी लिए जमिअत ए उलामा ए हिंद की ओर से देशव्यापी एक दिवसीय धरणा आंदोलन का आयोजन किया गया. जिसमें जिले के जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरणा प्रदर्शन कर बिल वापस लेने की मांग की. प्रदर्शन में शहर समेत आसपास के सैंकड़ों मुस्लिम बंधुओं का सहयोग रहा.

सफलतार्थ जमिअत उलेमा ए हिंद के जिला सचिव हाजी बिलाल डोंगरे, शहर सचिव दानिश अजहर, मौलाना शरिफ, मौलाना सोहेल, जाकीर कुरेशी, तारीक नदीम, इशु आजाद, साबिर भाई, जावेद शेख, आसिम शेख, एड राज शेख, जुबेर खान आदि ने प्रयास किए.