Terrorism financing case: Day-long debate in Jharkhand High Court, next hearing on July 14

बुलढाना (का). बीते दिनों में महिलाओं पर हुए अत्याचारों की घटनाओं में काफी बढोतरी हुई है. जिसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए महिलाओं को सामने आना चाहिए. कानून महिलाओं के साथ है. महिलाओं को कानून की सहायता

बुलढाना (का). बीते दिनों में महिलाओं पर हुए अत्याचारों की घटनाओं में काफी बढोतरी हुई है. जिसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए महिलाओं को सामने आना चाहिए. कानून महिलाओं के साथ है. महिलाओं को कानून की सहायता लेनी चाहिए, यह अपील जिला विधि सेवा प्राधीकरण के सदस्य सचिव तथा दिवाणी न्यायाधीश (उच्च स्तर) साजीद आरिफ सैय्यद ने की. स्थानीय जिला ग्रंथालय अधिकारी कार्यालय सभागृह में ‘महिला संरक्षण एवं कानून’ इस विषय पर जनजागरण के लिए आयोजित कार्यक्रम में वह बोल रहे थे. मंच पर जिला विधि संघ के प्रमुख एड.राजकुमार देवकर, विधि प्राधीकरण के सचिव एड. राहुल दाभाडे, जिला एड्स नियंत्रण समिति प्रमुख डा.टाले, जिला ग्रंथालय अधिकारी सतीश जाधव, जिला सूचना अधिकारी एस.के. बावस्कर, सूचना सहायक नीलेश तायडे उपस्थित थे. न्यायाधीश ने कहा कि एसिड हमले में पीडिता को विधि सेवा प्राधीकरण के माध्यम से मनोधैर्य योजना लाया गया है.

योजनांतर्गत पीड़िताओं को आर्थिक सहायता

इस योजनांतर्गत पीड़िताओं को आर्थिक सहायता दी जाती है. एसीड हमलों की शिकार बनी महिलाओं को कानूनी सहायता प्रदान कर उन्हें समाज में सम्मान से जीने की शक्ति विधि सेवा प्राधीकरण प्रदान करने की बात भी उन्होंने कही. जिला विधि संघ सचिव एड. राहुल दाभाडे ने पारिवारिक हिंसा कानून का संरक्षण लेकर महिलाओं को अत्याचारों के खिलाफ खड़े होना जरुरी है. डा.टाले ने पीसीपीएनडीटी कानून महिला भ्रूण हत्या के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने हेतु बनाया गया है. इस बारे में समाज की मानसिकता को बदलना जरूरी है. यह अपील भी उन्होंने की. प्रस्ताविक एस.के. बावस्कर ने किया. संचालन तथा आभार प्रदर्शन सूचना सहायक नीलेश तायड़े ने किया.