सीएए, एनआरसी व एनपीआर विधेयक के विरोध में जिला शतप्रतिशत बंद

बुलढाना. सीएए, एनआरसी व एनपीआर विधेयक के विरोध में वंचित बहुजन आघाडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड. बालासाहब आंबेडकर ने 24 जनवरी को महाराष्ट्र बंद पुकारा था. जिससे जिले के साथ तहसील सहित उक्त बंद को अच्छा

बुलढाना. सीएए, एनआरसी व एनपीआर विधेयक के विरोध में वंचित बहुजन आघाडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड. बालासाहब आंबेडकर ने 24 जनवरी को महाराष्ट्र बंद पुकारा था. जिससे जिले के साथ तहसील सहित उक्त बंद को अच्छा प्रतिसाद मिला. बुलढाना शहर शत प्रतिशत बंद रहा. केंद्र सरकार द्वारा एनआरसी, सीएए व एनपीआर जैसे विधेयक पारित कर भाजपा सरकार देश को हिंदु-मुस्लिम कर बांटना चाहती है. भाजपा ने सीएए व एनआरसी विधेयक के माध्यम से देश के एक विशेष धर्म को टार्गेट कर देश में अशांति का वातावरण निर्माण किया तथा उक्त विधेयक संविधान की प्रस्तावना के बिल्कुल खिलाफ है.

इसलिए उक्त विधेयक रद्द करने की मांग को लेकर भारिप बहुजन महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष एड. बालासाहब आंबेडकर ने 24 जनवरी को महाराष्ट्र बंद पुकारा था. जिले में भारिप पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने गली गली, गांव-गांव में घूम कर महाराष्ट्र बंद में सहयोग के लिए दूकान, खुदरा व्यापारी, प्रतिष्ठान आदि संचालकों से विनती की जिसके फलस्वरूप शुक्रवार को बुलढाना शत प्रतिशत बंद रहा. शुक्रवार को सुबह से ही शहर के इकबाल चौक से लेकर मुख्य बाजार लाइन, जीजामाता व्यापारी संकुल, बसस्टैण्ड कॉम्प्लेक्स, खान कॉम्प्लेक्स, चिखली रोड़ पर स्थित दूकाने, न.प लाइन की दूकानें आदि शहर के सभी प्रतिष्ठान, दूकान व खुदरा व्यापारी ने बंद में सहयोग कर दुकानें बंद रखी.

पुलिस का तगड़ा बंदोबस्त

एड. बालासाहब आंबेडकर ने पुकारे बंद के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा शहर में तगड़ा पुलिस बंदोबस्त लगाया था. बंद के दौरान किसी भी प्रकार की कोई अनुचित घटना न हो व बंद शांति से संपन्न हो इसलिए शहर के सभी मुख्य मार्ग से लेकर मुख्य चौराहों पर पुलिस फौज तैनात की गई थी.