बुलढाना. ब्रिटिशकालीन संगम तालाब की दिवार टूटी हुई अवस्था में है. बारिश के मौसम में तालाब पानी से लबालब हो जाता है. दीवार पूरी तरह से टूटने की संभावना जाताई जा रही है. नगर प्रशासन ने इस विशेष ध्यान

बुलढाना. ब्रिटिशकालीन संगम तालाब की दिवार टूटी हुई अवस्था में है. बारिश के मौसम में तालाब पानी से लबालब हो जाता है. दीवार पूरी तरह से टूटने की संभावना जाताई जा रही है. नगर प्रशासन ने इस विशेष ध्यान देकर तत्काल संगम तालाब की दिवार को दुरूस्त करने की मांग संगम तालाब मित्र मंडल ने की है.

उल्लेखनीय है कि शहर के रानी बागीचे के पीछे वाली साइड संगम तालाब है. इसी तालाब से शहरवासियों को जलापूर्ति की जाती थी. किंतु शहर में येलगांव बांध की निर्मीती के बाद संगम तालाब से जलापूर्ति बंद की गई. पंजाबराव देशमुख खेती शाला व जिला कारागृह तथा रानी उद्यान की नर्सरी को इसी तालाब से जलापूर्ति की जाती है. व नगर पालिका मच्छीमारी के लिए तालाब को नीलाम किया जाता हैं. लेकिन देखरेख के अभाव में तालाब की दुरावस्था हो गई है. नपा प्रशासन ने संगम तालाब की स्वच्छता तथा सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी उपाययोजना नहीं की है. तालाब के माध्यम से सिर्फ आय प्राप्त करना ही नपा का उद्देश्य है. चार वर्ष पूर्व सरोवर सौंदर्यीकरण योजना अंतर्गत संगम तालाब के लिए 25 लाख रु. की निधि प्राप्त हुई. लेकिन अब तक कार्य नहीं हो पाया है. संगम तालाब मित्र मंडल ने नपा प्रशासन से संगम तालाब का सौंदर्यीकरण कर व टूटी हुई दिवार की निर्मीती तथा सरोवर के आसपास साफ-सफाई करने की मांग की है.