किसानों को चना व तुअर का बकाया देने की मांग

चिखली. शासन ने आधारभूत खरीदी योजना के अंतर्गत किसानों की तुअर, चना गारंटी भाव के हिसाब से खरीदी की. किंतु उस समय ऑनलाईन व लॉट एन्ट्री न किए जाने के कारण किसानों को अब तक उनके बेची हुई तुअर व चना का

चिखली. शासन ने आधारभूत खरीदी योजना के अंतर्गत किसानों की तुअर, चना गारंटी भाव के हिसाब से खरीदी की. किंतु उस समय ऑनलाईन व लॉट एन्ट्री न किए जाने के कारण किसानों को अब तक उनके बेची हुई तुअर व चना का बकाया नही मिला जिसके कारण किसानों को विविध आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्य के निपटारे के लिए तत्काल योग्य निर्णय कर किसानों की तुअर व चने का बकाया दिए जाने की मांग रयत क्रांति संगठन के जिलाध्यक्ष विनायक सरनाईक ने की.

शासन ने नाफेड की नोडल एजन्सी के रूप में चयन किया था. जिस पर नाफेड ने जिले कीं विविध संस्थाओं को उक्त जवाबदारी सौंपी थी. जिसके अनुसार किसानों ने नियम के अनुसार सातबारा व अन्य आवश्यक दस्तावेज संबंधित सब एजेंट संस्था में पंजीयन कराया. उक्त गंभीर समस्य पर शासन ने तत्काल उपाययोजना कर सभी किसानों की बकाया रकम उनके बैंक खातों में जमा किए जाने की मांग रयत क्रांति के जिलाध्यक्ष सरनाईक ने जिलाधिकारी व जिला उपनिबंधक को ज्ञापन सौंपकर की. इस समय रयत के उपाध्यक्ष दिपक सुरडकर, रविराज टाले, रमेश सोलंकी, अशोक सुरडकर, नितीन लोखंडे, सचिन पडघान, योगेश राजपुत, सैयद जाहेद आदी कार्यकर्ता उपस्थित थे.