बुलढाना में बंद सफल, एसटी बसों के चक्के रुके

बुलढाना. मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सकल मराठा समाज की ओर से गुरुवार 9 अगस्त को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया था. इस आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए बुलढाना जिले में चारों तरफ बंद का असर दिखाई दिया.

बुलढाना. मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सकल मराठा समाज की ओर से गुरुवार 9 अगस्त को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया था. इस आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए बुलढाना जिले में चारों तरफ बंद का असर दिखाई दिया. सभी प्रतिष्ठान, शैक्षिक संस्थान बंद रहे, जिससे बंद पूरी तरह से सफल रहा.

सकल मराठा समाज की ओर से मराठा आरक्षण को लेकर पिछले कई दिनों से विभिन्न तरह के आंदोलन हो रहे हैं. लेकिन आंदोलन उग्र करने के उद्देश्य से सकल मराठा समाज की ओर से गुरुवार को पूरे महाराष्ट्र में बंद का आह्वान किया था.

रास्ते पर दिया धरना
गुरुवार बुल‍ढाना शहर में सुबह 10 बजे सकल मराठा समाज की ओर से मोटारसाइकिल रैली निकाली गई. यह रैली स्थानीय जयस्तंभ चौक से होते हुए बाजार लाईन, कारंजा चौक, एडेड चौक, चिखली मार्ग, त्रिशरण चौक से आगे हाजी मलंग, चिखली मार्ग, सर्कुलर रोड, धाड नाके होते हुए संगम चौक और बाद में जयस्तंभ चौक पहुंची. यहां पर सकल मराठा समाज के कार्यकर्ताओं ने रास्ते पर धरना देते हुए रास्ता रोको आंदोलन किया. आंदोलन में बड़ी संख्या में सभी वर्गों और सभी पार्टियों से मराठा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. इस पूरे आंदोलन में किसी भी प्रकार से कोई अनुचित घटना न घटें, इसके लिए पुलिस व्दारा कड़ा बंदोबस्त रखा गया.

उपविभागीय पुलिस अधिकारी बी.बी. महामुनि, शहर पुलिस थाने के थानेदार यू. के. जाधव ने खुद शहर में घूमकर बंदोबस्त का जायजा ले रहे थे. बुलडाणा शहर समेत पूरे जिले के सभी प्रतिष्ठान बंद रहे. जिले के देऊलगांवराजा, सिंदखेडराजा, लोणार, खामगांव, शेगांव, जलगांव जामोद, संग्रामपुर, नांदुरा, मलकापुर, मोताला, चिखली तहसीलों में कई जगहों पर रास्ता रोको आदोलन किया गया तथा बंद पूरी तरह से सफल रहा.

मेहकर में विधायक ने करवाया मुंडन
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर किए गए बंद के आह्वान को सफल बनाने के लिए मेहकर में बड़ी संख्या में चक्का जाम तथा मुंडन आंदोलन किया गया. खास बात यह रही कि, मेहकर के विधायक डा. संजय रायमूलकर ने अपना मुंडन करवाया. साथ ही नगराध्यक्ष कासम गवली समेत 52 युवाओं ने भी अपना मुंडन करवाते हुए मराठा आरक्षण की मांग को लेकर हो रहे आंदोलन का समर्थन किया. इस समय आंदोलनकर्ताओं ने रास्ते पर बैठकर चक्काजाम आंदोलन भी किया. इस आंदोलन के चलते मेहकर और परिसर में यातायात पूरी तरह से ठप रहा.