सैनिकों को भेजी जाएंगी पर्यावरण पूरक राखियां

बुलढाना. देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों को हरित सेना के प्रमुख तथा जानेफल निवासी डा. एन. टी. बोकाडे व्दारा पर्यावरण पूरक राखियां भेजी जाएंगी. अभी यह राखियाँ बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण

बुलढाना. देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों को हरित सेना के प्रमुख तथा जानेफल निवासी डा. एन. टी. बोकाडे व्दारा पर्यावरण पूरक राखियां भेजी जाएंगी. अभी यह राखियाँ बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. रक्षाबंधन यानि भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार है. इस त्योहार के मद्देनजर हर वर्ष कई जगहों से देश की रक्षा करने वाले सैनिकों को राखियाँ भेजी जाती है. इसी उपक्रम को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जानेफल के हरित सेना के प्रमुख डा. एन. टी. बोकाडे अच्छे पर्यावरण का संदेश देने हेतु पर्यावरण पूरक राखियां बनाकर भेजने का फैसला किया.

बीजों से बनाई जा रही हैं राखियां
इन राखियों में पेड़ो की विभिन्न प्रजातियों की बीजों को पिरोया जा रहा है. कुछ राखियां केवल पौधों के बीजों से बनाई जा रही है. इस उपक्रम के लिए छात्रों ने छुट्टियों के दिनों में 5 क्विंटल बीजों को जमा किया. इनमें से कुछ बीजों का रोपण किया गया, जबकि बाकी बीजों से राखियों का निर्माण किया गया. यह राखियां देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले भारत के जांबाज सैनिकों को भेजकर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाएंगी.

इस उपक्रम के लिए प्राचार्य दिलीप लामधाडे, उपप्राचार्य अ. अ. इंगले, पर्यवेक्षक मिटकरी, शाला समिति अध्यक्ष दिनेश मिटकरी, प्रा. नालेगांवकर, प्रा. रमजान गवली, कृष्णा हावरे समेत शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी और छात्र भी प्रयास कर रहे हैं.