जानेफल में अवैध यातायात चरम पर

जानेफल.जानेफल गांव जिले की बड़ी बाजार पेठ के रूप में मशहूर है. इस गांव से लगभग 40 -45 गांव जुड़े हैं और इस गांव में आने के लिए एसटी बस के अलावा प्राइवेट वाहन है लेकिन प्राइवेट वाहनों में जाते

जानेफल. जानेफल गांव जिले की बड़ी बाजार पेठ के रूप में मशहूर है. इस गांव से लगभग 40 -45 गांव जुड़े हैं और इस गांव में आने के लिए एसटी बस के अलावा प्राइवेट वाहन है लेकिन प्राइवेट वाहनों में जाते वक्त अपनी जान जोखिम में डालकर चलना पड़ता है क्योंकि सभी वाहनों में क्षमता से ज्यादा भीड़ होने की वजह से और बारिश के दिन होने के कारण कोई भी दुर्घटना हो सकती है लेकिन इस ओर पुलिस प्रशासन अनदेखी कर रहा है. वहीं बस स्टैंड चौक में लोग गाड़ियां और मोटरसाइकिल रोड पर ही खड़ी कर देते हैं जिससे वाहनों को आने जाने में परेशानी होती है और ट्राफिक जाम हो जाता है.

बस स्टैंड से पास ही थानेदार राहुल मोरे का घर है. रात-दिन पुलिस की जीप इस रास्ते से गुजरती लेकिन वह लोगों को किसी भी प्रकार की ताकित ना देते हुए वहां से निकल जाने में ही अपनी समझदारी समझते हैं.

सड़क पर हैं 3 बड़े विद्यालय
इस रोड पर गांव के 3 बड़े विद्यालय है. स्कूल, कालेज छूटने के समय यहां पर काफी भीड़ हो जाती है. जिससे वाहन चलाने में परेशानी होती है. गाड़ियां और मोटरसाइकिल इस रोड पर अस्तव्यस्त खड़ी होने के बावजूद पुलिस कर्मचारी भी कुछ नहीं कहते. बाजार के दिन लोगों को इससे भी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. इस दौरान भी कोई भी कर्मचारी वहां नहीं रहता.

पार्किंग लाइन गायब
काफी दिन पहले जानेफल पुलिस स्टेशन में आए राहुल मोरे ने आते ही बस स्टैंड पर पार्किंग के लिए सफेद लाइन से पार्किंग की मर्यादा को दिखा दिया था लेकिन जल्दी वो लाइन वहां से कब मिट गई इसका पता भी नहीं चला ऐसी बात नागरिक कर रहे हैं इन सभी घटनाओं को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि ऐसी घटनाओं को अगर नजरअंदाज किया गया तो आने वाले समय में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है. नागरिकों ने इस ओर ध्यान देकर समस्या हल करने की मांग की है.