गौर सेना ने किया बुलढाना में रास्ता रोको

बुलढाना. सोनोशी निवासी अंकुश पवार के हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़कर उन्हें सजा दी जाए, इस मांग को लेकर गोर सेना की ओर से बुल‍‍ढाना में रास्ता रोको आंदोलन किया गया. आंदोलन में बड़ी संख्या में

बुलढाना. सोनोशी निवासी अंकुश पवार के हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़कर उन्हें सजा दी जाए, इस मांग को लेकर गोर सेना की ओर से बुल‍‍ढाना में रास्ता रोको आंदोलन किया गया. आंदोलन में बड़ी संख्या में गोर सेना के कार्यकर्ता शामिल हुए.

सोमवार को गोर सेना के कार्यकर्ता स्थानीय सामाजिक न्याय भवन परिसर में इकठ्ठा हुए. यहां पर उन्होंने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी. तत्पश्चात गोर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रा. संदेश चव्हाण के नेतृत्व में त्रिशरण चौक में बैठकर रास्ता रोको आंदोलन शुरू किया.

जमकर की नारेबाजी
आंदोलनकर्ताओं ने अंकुश पवार के हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए जमकर नारेबाजी की. इससे कुछ देर तक चिखली और खामगांव मार्ग बाधित हुआ. बाद में पुलिस ने सभी आंदोलनकारियों को पुलिस की गाड़ियों में भरकर उन्हें गिरफ्तार कर कुछ देर बाद छोड़ दिया.

जिला पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
गौर सेना की ओर से जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में कहा गया है कि, सोनोशी (तहसील सिंदखेडराजा) निवासी अंकुश उत्तम पवार और भाऊराव बाबूराव सानप के बीच खेत की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. इसी विवाद के चलते भाऊराव सानप ने अंकुश पवार की हत्या करने का षडयंत्र रचा. अंकुश जब दोस्त राहुल राठोड के साथ गांव आ रहा था. तब बीच रास्ते में भाऊराव सानप ने हमला कर अंकुश पवार की हत्या कर दी. मामले की जानकारी प्रत्यक्षदर्शी राहुल राठोड ने अंकुश के परिजनों को दी. अंकुश के परिजन जब पुलिस थाने पहुंचे तब पुलिस ने मामले में मामला दर्ज करने में देरी का आरोप गोर सेना की ओर से ज्ञापन में किया गया है. आरोपी भाऊराव सानप पर जल्द से जल्द धारा 302 के तहत अपराध दर्ज किया जाएं, ऐसी मांग ज्ञापन में की गई है.

आंदोलन में संदेश चव्हाण समेत गोर सेना के जिला सचिव डा. विनोद चव्हाण, जिलाध्यक्ष प्रल्हाद राठोड, डा. विजय चव्हाण, विजय राठोड, पूनम राठोड, ईश्वर चव्हाण, राजेश चव्हाण, राजेश राठोड, गजानन राठोड, सुधीर जाधव, प्रताप चव्हाण, नीतेश चव्हाण, अंकुश चव्हाण, इंदल राठोड, अशोक चव्हाण, माणिक राठोड, ज्ञानेश्वर राठोड, अनिल राठोड, अविनाश चव्हाण, दिगांबर चव्हाण, ब्रह्मानंद राठोड, अंकुश राठोड आदि शामिल हुए.