In respect of Ghankachara management, he canceled the tender process, the instructions of the District Magistrate to give a show-cause to the

शेगांव. तहसील क्रीड़ा संकुल नप की उदासीनता के कारण डम्पिंग ग्राउंड बन चुका है. एक ओर यहां कई नागरिकों ने अतिक्रमण कर लिया है. वहीं दूसरी ओर नप के सफाई कर्मी कचरा व गन्दगी जमा कर रहे हैं. परिसर के

शेगांव. तहसील क्रीड़ा संकुल नप की उदासीनता के कारण डम्पिंग ग्राउंड बन चुका है. एक ओर यहां कई नागरिकों ने अतिक्रमण कर लिया है. वहीं दूसरी ओर नप के सफाई कर्मी कचरा व गन्दगी जमा कर रहे हैं. परिसर के नागरिक अपनी भैंसे बांध रहे है. जिससे भेंसों का तबेला भी बना है. भैंसों का गोबर, कचरा व गन्दगी के कारण तहसील क्रीड़ा संकुल की हालत डम्पिंग ग्राउंड से भी बदतर हो चुकी है.

लाखों खर्च फिर भी हालत जस की तस
वर्ष २००४ में खामगांव के पूर्व विधायक सानंदा ने इसके लिए ५५ लाख रुपये की राशि का प्रावधान करवाया था. बाद में राशि कुछ १ करोड़ के आस-पास चली गई है. यहां पर इतना सब खर्च करने के बाद केवल एक रनिंग पैड बनाया गया है. जिसकी हालत देखते ही बनती है. शेगांव शहर व तहसील के खिलाड़ियों के लिए बना क्रीड़ा संकुल नप की लापरवाही के चलते डम्पिंग ग्राउंड का रूप धारण कर चुका है. शेगांव शहर व तहसील में इसके अलावा कोई दूसरा क्रीड़ा संकुल नहीं है. शहर में नप सत्ता पक्ष व विधायक दोनों भी बीजेपी से है. इसके बावजूद कोई ध्यान इस ओर नहीं है. क्रीड़ा संकुल को हकीकत में बदलने की मांग क्रीड़ा प्रेमियों द्वारा की जा रही है.