संस्थाचालक से परेशान चपरासी ने की आत्महत्या

बुलढाना. चार साल से बगैर वेतन काम करने वाले शाला के चपरासी ने संस्थाचालक से तंग आकर आत्महत्या करने की घटना सामने आई है. चपरासी ने महाविद्यालय में ही फांसी लगाकर आत्महत्या करने से सनसनी फैल

बुलढाना. चार साल से बगैर वेतन काम करने वाले शाला के चपरासी ने संस्थाचालक से तंग आकर आत्महत्या करने की घटना सामने आई है. चपरासी ने महाविद्यालय में ही फांसी लगाकर आत्महत्या करने से सनसनी फैल गयी.

प्राप्त जानकारी के अनुसार औरंगाबाद जिले के कन्नड तहसील के रुईखेड निवासी प्रकाश भीमराव सुसलादे (उम्र 40) यह बुलढाना शहर से समीप येलगांव स्थित राष्ट्रीय मागासवर्गीय कृषि विद्यालय में नोकरी करता था. प्रकाश ने अपनी डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर उससे मिले 10 लाख रुपये भरकर नौकरी पर लगा था. लेकिन नौकरी पर लगने के चार साल बाद भी प्रकाश को वेतन नहीं मिल रहा था. संस्थाचालक तथा अध्यक्ष आशीष सर्जेराव डोके ने चार साल के बाद भी प्रकाश को नोकरी पर स्थायी नहीं किया था.

परिवार पर भुखमरी की नौबत
इस कारण प्रकाश पैसों की तंगी से जूझ रहा था. हर बार संस्थाध्यक्ष से उसे केवल नौकरी में कायम करने के आश्वासन ही मिल रहे थे. जिस खेती पर प्रकाश के परिवार का गुजारा चल रहा था, वह खेती भी चली गयी और नोकरी में भी पगार न मिलने केचलते प्रकाश पर •भुखमरी की स्थिति आन पड़ी थी. इस स्थित में उसने 27 अक्टूबर को महाविद्यालय में ही फांसी लगाकर आत्महत्या की. इस घटना से शिक्षा के क्षेत्र में खलबली मच गयी है. जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया.