पानी को लेकर महिलाओं का हल्लाबोल

बुलढाना. सिंदखेडराजा तहसील के ग्राम गोरेगांव में जलकिल्लत खत्म करने की मांग को लेकर ग्रापं पर महिलाओं ने हल्लाबोल करते हुए कार्यालय में तोड़फोड़ की. महिलाओं के इस आंदोलन के चलते ग्रापं प्रशासन में

बुलढाना. सिंदखेडराजा तहसील के ग्राम गोरेगांव में जलकिल्लत खत्म करने की मांग को लेकर ग्रापं पर महिलाओं ने हल्लाबोल करते हुए कार्यालय में तोड़फोड़ की. महिलाओं के इस आंदोलन के चलते ग्रापं प्रशासन में हड़कम्प मच गया. ज्ञात रहें कि, ग्राम गोरेगांव में पिछले कई महीनों से लोगों को भीषण जलकिल्लत का सामना करना पड़ रहा है. करीब 25 वर्ष पहले सावंगी माली बांध से 70 लाख रुपयों की जलापूर्ति योजना गोरेगांव के लिए मंजूर की गयी थी. यह काम भी पूरा हो गया. लेकिन गांव में पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति नहीं हो रही थी, जिस कारण से लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ता है.

प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
इस संदर्भ में गांव के नागरिक बार-बार मांग कर रहे थे. लेकिन प्रशासन की ओर से इस मांग पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा था. विधायक डा. शशिकांत खेडेकर व्दारा एक करोड़ रुपयों की योजना की मंजूरी दिलायी थी. राजेगांव तालाब से गांव के जलापूर्ति कुएं में पानी छोड़ा जा रहा है. लेकिन यह पानी काफ़ी दूषित होने के चलते इस पानी का लोग उपयोग नहीं कर सकते. हमेशा की जलकिल्लत से परेशान होकर गांव की महिलाएं और पुरुष शनिवार 5 जनवरी को ग्रापं कार्यालय पहुंचे और वहां पर उन्होंने आंदोलन की शुरुआत कर दी.

अधिकारी व महिलाओं में तीखी नोंक-झोंक
ग्रामसचिव मनोज मोरे तथा संजय पंचाल कार्यालय में उपस्थित थे. इस समय महिलाओं ने ग्रामसचिव को काफ़ी खरी-खोटी सुनायी और जलकिल्लत को खत्म करने की मांग की. अधिकारी और महिलाओं में तीखी नोंक-झोंक हुई. अधिकारियों से उचित जवाब न मिलने पर महिलाएं उग्र हो गयी और इसके बाद आंदोलनकारी महिला-पुरुषों ने ग्रापं कार्यालय में तोड़फोड की. सचिव मोरे ने इस घटना की शिकायत साखरखेर्डा पुलिस थाने में दर्ज करायी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.