Nearly Rs 77 lakh worth of assets attached to gangsters: Noida Police

संग्रामपुर. मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प के तहत संग्रामपुर तहसील के अंबाबरवा अभयारण्य के चुनखडी, अंबाबरवा, रोहीणखिडकी इन तीनों गांवों का पुनर्वसन प्रकल्पग्रस्तों को नगद रकम देकर किया गया. जिसमें १८ वर्ष

संग्रामपुर. मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प के तहत संग्रामपुर तहसील के अंबाबरवा अभयारण्य के चुनखडी, अंबाबरवा, रोहीणखिडकी इन तीनों गांवों का पुनर्वसन प्रकल्पग्रस्तों को नगद रकम देकर किया गया. जिसमें १८ वर्ष आयु के उपर वाले सदस्यों को १० लाख रुपयों का पैकेज सरकार ने दिया. साथ ही खेती का मूल्यांकन कर अधिग्रहित की गयी. लेकिन इसमें बड़े पैमाने पर अफरातफरी करने की बात सामने आ रही है.

मामले में मिली जानकारी अनुसार, १६ जनवरी को १४ लाख ७० हजार रुपये बोगस कागजातों के आधार पर बैंक से निकाले जाने पर एक प्रकल्पग्रस्त आदिवासी ने खुद के शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या करने का प्रयास किया. इसके बाद १७ जनवरी को सोनाला निवासी गजानन संपत तायडे व पुनर्वसन लाभार्थी बाबू भिल्या न्याहाल निवासी रोहीण खिडकी ने जिला पुलिस अधीक्षक को प्रतिज्ञालेख व्दारा निवेदन देकर न्याय दिलाने की मांग की है.

26 तक का दिया अल्टीमेटम
जिसमें २६ जनवरी तक न्याय नहीं मिलने पर कहीं पर भी आत्मदाह करने की चेतावनी दी है. जिससे प्रशासन में खलबली मची है. इससे पुनर्वसित लाभार्थियों के बोगस मामले पेश कर परस्पर रकम हड़प किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं. रोहीण खिडकी निवासी बाबु भिल्या न्याहाल व चंदनसिंग भैरवसिंग चव्हाण दोनों के नाम पर रोहीणखिडकी शिवार में खेत है.

मृत दिखाकर हड़पी रकम
जिसका अधिग्रहण कर उन्हें लाभ देने की बजाए उन्हें मृत दिखाकर दूसरों ने रकम हड़प की है. बाबु न्याहाल व चंदनसिंग के नाम पर खेती होने के बावजूद भी वन्यजीव विभाग के कर्मियों ने बाबु न्याहाल के अकेले बैंक खाते में १८ लाख 3१हजार ६८० रुपये जमा किए जाने की बात सामने आयी है. वास्तविक रुप में दोनों के नाम पर बैंक खाते में आधी आधी रक्कम जमा करना स्वाभाविक था. किंâतु ऐसा नहीं हुआ. इस मामले में बाबु न्याहाल ने वन्यजीव विभाग, संबंधित बैंक अधिकारी, कर्मचारी व गांव के कुछ आदिवासियों ने बोगस कागजात बनाकर उन्हें मृत दिखाते हुए उनके बैंक खाते से १८ लाख 3१ हजार ६८० रुपये उनके खाते में से निकाल लिए जाने की शिकायत २६ मई २०१८ को सोनाला पुलिस थाने में दी है. इसके बाद जिलाधिकारी को उक्त प्रतिज्ञालेख देकर मामले की जांच करने की मांग करते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है.