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मलकापुर. होली के दिन अपने परिवार व मित्रों के साथ पुर्णा नदी के किनारे बसे कोटेश्वर क्षेत्र गए थे. दर्शन से पहले राज वर्मा स्नान करने नदी में अपने दोस्तो के साथ उतरे थे. नदी में पानी तो कम था लेकिन

मलकापुर. होली के दिन अपने परिवार व मित्रों के साथ पुर्णा नदी के किनारे बसे कोटेश्वर क्षेत्र गए थे. दर्शन से पहले राज वर्मा स्नान करने नदी में अपने दोस्तो के साथ उतरे थे. नदी में पानी तो कम था लेकिन स्वचलित बोट व्दारा किनारे पर रेती माफियाओं ने बड़े बड़े गड्ढे बनाए जाने से पानी की गहराई का अंदेशा नहीं हो पाया और वर्मा का पांव फिसलने से वह गड्ढे में जा गिरे और जान गवां बैठे. इसलिए अवैध उत्खनन करने वाले व उनको साथ देनेवाले अधिकारिओं की जांच कर उनपर कड़ी कार्रवाई की जाए ऐसी मांग नागरिकों ने की है. यह दुर्घटना सिर्फ पैसों के लालच में अवैध उत्खनन करने वाले रेती माफिया व उनका साथ देनेवाले राजस्व विभाग के रिश्वतखोर अधिकारी व कर्मियों व्दारा कोताहि बरतने से हुआ.

बन रहे हजारों मकान
मलकापूर शहर व तहसील में हजारो मकान का निर्माण चल रहा है. जिसके लिए रेती की आवश्यकता रहती है. राजस्व विभाग व्दारा रेती घाटों की नीलामी नहीं होने से और अवैघ रेती के धंधे में ज्यादा पैसे मिलने से कई व्यावसायियों ने अपने गुट बनाकर बड़ी तादात में यह धंधा अपनाया है. नलगंगा नदी, उम्बर नाला, व्याघ्रा नदी, विश्वगंगा नदी, पुर्णा नदी के पात्रों से रेती का उत्खनन कर माफिया व उनके दलाल ग्राहकों तक अवैध तरीके से रेती पहुंचाते हैं.

शहर में न.प.की. अनुमति बिना ही सभी निर्माण कार्य शुरू होने के पश्चात यह निर्माण करने के लिए रेती कहां से आती है, उसकी रॉयल्टी राजस्व विभाग में जमा की गई है क्या इस पर न.प.व राजस्व विभाग के अधिकारियों का ध्यान नहीं है. क्योंकि उन्हें माफिया की ओर से बड़ी राशी दी जाती है. विगत कुछ दिनों से यहां के कुछ माफियाओं ने नदी से रेती उत्खनन करने के लिए स्वचलित बोट लायी थी. जिससे पूर्णा नदी के पात्र से रेती का उत्खनन किया गया. एवं नदी का पानी भी प्रदुषित हुआ.