शेगांव तहसील में पानी के लिये त्राहि त्राहि

शेगांव. तहसील के अधिकतर ग्रामीण पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं. तहसील के 3८ गांव के ग्रामीण अप्रैल माह में ही बढ़ते तापमान से परेशान हो रहे हैं. पेयजल की समस्या को हल करने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा

शेगांव. तहसील के अधिकतर ग्रामीण पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं. तहसील के 3८ गांव के ग्रामीण अप्रैल माह में ही बढ़ते तापमान से परेशान हो रहे हैं. पेयजल की समस्या को हल करने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. इस संदर्भ में जानकारी यह है कि विगत मार्च माह में ही शेगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में जल समस्या उत्पन्न हो गई थी. तब ग्रामीणों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ा. मई -जून तो अभी भी बाकी है.

फिलहाल 3८ गांवों में पेयजल की समस्या उग्र रूप धारण किये हुए है .११ गांवों में १२ टैंकरों से पेयजल वितरित किया जा रहा है. २७ गांवों के लिए २१ कुओं का अधिग्रहण किया गया है. तहसील में कुल ६७गांव हैं. जिनमें से 3८ गांवों में जल समस्या उत्पन्न हो गई है. इनमें वरूड, गव्हाण, तिंत्रव, चिंचोली, गायगाव बु., गायगाव खुर्द, खेर्डा, जलंब आदि गांवों में जलापूर्ति की जा रही है. सवर्णा, बेलूरा, टाकली विरो, चिंचोली, खेर्डा, गौलखेड, जानोरी, जवला बु., मछिंद्रखेड, माटरगाव बु., वरखेड बु., जलंब, डोलारखेड, मोरगाव दिग्रस, तिंत्रव, वरूड गव्हाण, टाकली हाट, पहूरजीरा, नागझरी आदि के साथ ही अन्य गांवों में कुओं का अधिग्रहण किया गया है. आलसणा, गौलखेड, टाकली हाट, तरोडा -डी इन पाँच गावों के प्रस्ताव पंचायत समिति के पास प्राप्त हुए हैं. उसीके अनुसार ये गांव भी पेयजल की समस्या में आ गये है.