केवल 4 प्रतिशत ही फसल कर्ज वितरित

बुलढाना. खरीफ की तैयारी कर रहे किसानों का काम इन दिनों फसल कर्ज के कारण अधर में अटका हुआ है. जिले में अब तक मात्र चार प्रतिशत ही फसल कर्ज वितरित किया गया है. पिछले 12 दिनों में हो रहे इस काम का

बुलढाना. खरीफ की तैयारी कर रहे किसानों का काम इन दिनों फसल कर्ज के कारण अधर में अटका हुआ है. जिले में अब तक मात्र चार प्रतिशत ही फसल कर्ज वितरित किया गया है. पिछले 12 दिनों में हो रहे इस काम का प्रतिशत केवल एक प्रतिशत ही हुआ है. इस धीमी गति के कारण किसानों में चिंता का माहौल है. जिले में इस साल लोकसभा चुनाव के कारण सैकड़ों अधिकारी, कर्मचारी चुनावी कामों में व्यस्त थे. जिसके कारण फसल कर्ज वितरण प्रक्रिया चुनाव के बाद शुरु की गई. इसका नतीजा किसानों के कार्यों पर पड़ा है.

कर्ज नहीं मिलने से रुके कार्य
जिले के किसानों ने खरीफ बुआई की सारी तैयारीयां पूर्ण कर ली है केवल फसल कर्ज नहीं मिलने से उनके बाकी के काम रुक से गए है. अब मानसून भी आने को है व किसानों के हाथों में फसल कर्जे की राशि अब तक नहीं मिली है राशि आने के बाद ही किसान खाद व अन्य चीजे खरीद सकते हैं. इस बात को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने फसल कर्जा वितरण प्रक्रिया की रफ्तार बढ़ाने के आदेश दिए हैं जिसके कारण यह काम तेजी से किया जा रहा है. अब तक जिले में केवल चार प्रतिशत ही कर्ज वितरित किया गया है. कर्जे की राशि 66 करोड़ 55 लाख रुपए इतनी बताई जा रही है. पिछले माह में 25 मई तक जिले के करीबन चार हजार 182 किसानों को 49 करोड़ 48 लाख रुपए का फसल कर्ज प्रदान किया गया

है. विदित हो कि, जिले में इस साल तीन लाख 34 हजार किसानों को करोड़ों का कर्ज वितरण का लक्ष्य रखा गया है. जिला प्रशासन की ओर से हर 15 दिनों के बाद फसल कर्जा वितरण प्रक्रिया की जांच की जाएगी. यह प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से हर तहसील में फसल कर्ज सम्मेलन मंडलों द्वारा लिया जा रहा है. हाल ही में जिले के देवलगांवराजा, चिखली, मलकापुर, बुलढाना आदि तहसीलों के मंडलों में शिबिर लिए गए है. इन शिबिरों में पात्र किसानों को मार्गदर्शन कर तत्काल फसल कर्जा मिले इसके लिए प्रशासन प्रयास कर रहा है. फसल कर्जा वितरण प्रक्रिया में लगभग हर बैंक को लक्ष्य प्रदान किया गया है. जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की ओर से अब तक लक्ष्य के 37 प्रतिशत कर्ज वितरित किया गया है. जिला केंद्रीय सहकारी बैंक को 47 करोड 25 लाख रुपए का फसल कर्ज वितरण का लक्ष्य प्रदान किया गया है. इस लक्ष्य में से बैंक ने 17 करोड़ 44 लाख रुपए का 1, 744 किसानों को वितरण किया है. राष्टीयकृत, व्यापारी व विदर्भ कोकण ग्रामीण बैंक की तुलना में बीडीसीसी का यह आंकडा अधिक है.

14 सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़ी बैंक कर्ज विरतण में कर रही अनदेखी
जिले में 14 सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़ी बैंक शाखाए है जो इस फसल कर्जा वितरण प्रक्रिया की ओर अनदेखी कर रहा है. अब तक इन बैंकों ने मात्र दो प्रतिशत ही फसल कर्जे का वितरण किया है. वितरण का यह आंकडा 24 करोड़ 13 लाख रुपए तक का है. आने वाले समय में इन बैंकों को अपना काम तेजी से करने की आवश्यकता आन पड़ी है. सार्वजनिक क्षेत्र से जुड इन बैंकों को 204 करोड़ रुपए का फसल कर्जा वितरण करने की आवश्यकता है. यह काम तेजी से किए जाने की मांग हो रही है.