10 रुपए के सिक्कों को लेकर संभ्रम की स्थित

चिखली: आजकल दूकानदार 10 रुपए का सिक्का लेने से इंकार कर रहे है. 10 रु. के सिक्के को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है. जिसके चलते लोग 10 रुपए का सिक्का व पांच रुपए का नोट लेने से कतरा रहे है. जिससे आम

चिखली: आजकल दूकानदार 10 रुपए का सिक्का लेने से इंकार कर रहे है. 10 रु. के सिक्के को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है. जिसके चलते लोग 10 रुपए का सिक्का व पांच रुपए का नोट लेने से कतरा रहे है. जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानी हो रही है.

RBI ने दी सफाई
आरबीआई द्वारा कई बार सफाई देने के बावजूद लोग संशय की स्थिति पैदा कर दस रुपये के सिक्के व पांच रुपये का नोट स्वीकारने से मना कर रहे है. देश के कई हिस्सों में दस रुपये का सिक्का नही चल रहा है, तो कही एक रुपये का छोटा सिक्का, और अब पांच रुपये की नोट को लेकर भी संभ्रम पैदा किया जा रहा है. हालांकि सरकार ने भी कई बार सभी सिक्कों को वैध करार दिया है. 2016 के नवंबर में नोटबंदी के बाद बाजार में बड़े पैमाने पर सिक्के उतारे गये थे. बैंक कर्मचारी उसे लेने में आनाकानी करते है. जिसकी मुख्य वजह यह भी है कि, नोटों को गिनने के लिये मशीन उपलब्ध है, किन्तु हजारों की संख्या में आनेवाले सिक्कों को कौन और कब तक गिनता रहेगा..? अगर सिक्के गिनने में ज्यादा वक्त लगेगा तो काउंटर पर ग्राहकों की संख्या बढ़कर भीड़ लग जायेगी.

सिक्के लेने से इंकार पर होगी कार्रवाई
सरकार ने अभी तक पांच रुपये की नोट व दस रुपये का सिक्का बंद नहीं किया है. अगर कोई दूकानदार व बैंक या बैंक कर्मचारी नोट व सिक्के लेने से मना करते है तो उनके खिलाफ कारवाई हो सकती है. भारतीय करेंसी नहीं लेने वालों के खिलाफ आईपीसी एक्ट के तहत कारवाई होती है.

ग्राहकों को तथा सामान्य जन समेत व्यापारियों को आ रही इस दिक्कत को ध्यान में रख जिलाधिकारी द्वारा इस संभ्रम को दूर करना आवश्यक हो गया है. दस रुपये के कितने तरह के सिक्के आज आरबीआई ने बाजार में उतारे हुए है और पांच रुपये की नोट की तरह बाकी सिक्के किस तरह वैध है इससे आमजन को अवगत कराना अनिवार्य हो जाता है. इसके बावजूद भी अगर कोई यह सिक्के व नोट स्वीकारने से इंकार करता हो तो उस पर उनके मार्फ़त कारवाई के संकेत भी देना उचित है.