सुनील हाईटेक कंपनी से नुकसान की भरपाई करवाएं

बुलढाना. बुलढाना-अजंता मार्ग के निर्माणकार्य में राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण की ढिलाई व सुनील हाइटेक कंपनी की लापरवाही के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है. इस नुकसान की भरपाई सुनील हाईटेक, मुंबई

बुलढाना. बुलढाना-अजंता मार्ग के निर्माणकार्य में राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण की ढिलाई व सुनील हाइटेक कंपनी की लापरवाही के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है. इस नुकसान की भरपाई सुनील हाईटेक, मुंबई इस कंपनी से वसूल कर तत्काल दिए जाने की मांग का ज्ञापन पीड़ित किसानों ने जिलाधीश को सौंपा.

पलसखेड नाइक सहित अन्य ग्रामों के पीड़ित किसानों ने ज्ञापन में कहा है कि, बुलढाना-अजंता मार्ग से लगी खेत जमीन में किसानों ने खरीफ की बुआई की थी. एनएचए द्वारा बुलढाना-अजंता मार्ग का काम सुनील हाइटेक, मुंबई इस कंपनी को दिया गया है. इस कंपनी ने काम में लापरवाही बरती है. ग्राम पलसखेड के पास से बहने वाली पैनगंगा नदी के पुराने पुल को तोड़कर उसके बाजू में पयार्यी पुल बनाया गया.

बारिश में बह गया पुल

पिछले दिनों हुई जोरदार बारिश के कारण नदी पर बनाया गया पयार्यी पुल बह गया साथ ही नदी से सटे कई खेतों में पानी घुसने से खेत जमीन के साथ साथ फसल भी बह गई है. किसानों ने आरोप लगाया है कि एनएचए ने ठेकेदार पर ध्यान नहीं दिया. ठेकेदार ने अपनी मर्जी से पूरा मार्ग खोद दिया जबकि नियम अनुसार ठेकेदार ने एक साइड का ही मार्ग खोदना था लेकिन ठेकेदार ने ऐसा नहीं किया बल्कि दोनों साइड खोद दिए. जिससे वाहनों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है. इसके अलावा पैनगंगा नदी का पुल तोड़ने के बाद पुल का काम काफी धीमी गति से किया जा रहा है तथा बनाया गया पयार्यी पुल भी मजबूत नहीं बनाया. जिससे नदी में आई बाढ़ से पयार्यी पुल बह गया. फिलहाल यह रास्ता पूरी तरह से ठप है.

– 5 लाख का मुआवजा दिया जाए

स्कूली छात्र और आम नागरिकों को काफी परेशानी हो रही है. नदी में आई बाढ़ का पानी खेतों में घुसने से खेत जमीन को क्षति पहुंची है. इस नुकसान के लिए किसानों ने ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराते हुए

सुनील हाईटेक कंपनी से प्रति एकड़ 50,000 या फिर प्रति किसान को 5 लाख का मुआवजा दिए जाने की मांग की है अन्यथा बुलढाना-अजंता मार्ग का काम रोकने की चेतावनी ज्ञापन के अंत में किसान भुपेश जाधव, सीताराम राठोड, लवकुश जाधव, मुरलीधर राठोड, विशाल जाधव, ब्रिजलाल जाधव, मधुकर राठोड,हरीचंद राठोड सहित 50 किसानों ने की है.