Germany's industrial production increases for the third consecutive month in July
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    नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच गिरती अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई पर केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है। सोमवार को भारत सरकार द्वारा जारी किए आकड़ो के अनुसार मई महीने की में आद्योगिक उत्पादन में 29.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं खुदरा महंगाई दर में भी मामूली गिरावट हुई है। मई महीने को जो 6.30 थी, वह जून में 6.26 रही। 

    मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य अर्थशास्त्री निखिल गुप्ता ने कहा कि जून में भी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक इसी स्तर पर रहने की संभावना है पर जुलाई से इसमें बढ़ोतरी दिख सकती है। कोरोना वायरस महामारी की वजह से पिछले साल मार्च से औद्योगिक उत्पादन प्रभावित रहा है। उस समय इसमें 18.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

    यह अगस्त, 2020 तक नकारात्मक दायरे में रहा था। आर्थिक गतिविधियों शुरू होने के साथ सितंबर में कारखाना उत्पादन एक प्रतिशत बढ़ा था। अक्टूबर में आईआईपी 4.5 प्रतिशत बढ़ा था। नवंबर, 2020 में कारखाना उत्पादन में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई थी। उसके बाद दिसंबर, 2020 में यह 2.2 प्रतिशत बढ़ा था। 

    इस साल जनवरी में आईआईपी में 0.6 प्रतिशत तथ फरवरी में 3.2 प्रतिशत की गिरावट आई। मार्च में यह 24.1 प्रतिशत बढ़ा। एनएसओ ने अप्रैल के आईपीओ के पूरे आंकड़े जारी नहीं किए थे।  मई, 2020 में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 37.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी। उस समय खनन क्षेत्र का उत्पादन 20.4 प्रतिशत घटा था। वहीं बिजली क्षेत्र का उत्पादन 14.9 प्रतिशत नीचे आया था। 

    निवेश का संकेतक कहे जाने वाले पूंजीगत सामान क्षेत्र का उत्पादन मई, 2021 में 85.3 प्रतिशत बढ़ा। एक साल पहले समान महीने में इसमें 65.9 प्रतिशत की गिरावट आई थी। समीक्षाधीन महीने में टिकाऊ उपभोक्ता सामान का उत्पादन 98.2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि मई, 2020 में क्षेत्र का उत्पादन 70.3 प्रतिशत घटा था। उपभोक्ता गैर-टिकाऊ सामान का उत्पादन मई में 0.8 प्रतिशत बढ़ा। एक साल पहले समान महीने में इसमें 9.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी।