गंभीर बीमारियों से वित्‍तीय सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता

  • SBI लाइफ के फाइनेंशियल इम्‍युनिटी सर्वे में खुलासा
  • कोविड पश्चात उपभोक्‍ता प्रवृत्तियों के बारे में महत्‍वपूर्ण बातें उजागर

मुंबई. कोविड-19 (COVID-19) महामारी के बाद अब लोगों की गंभीर बीमारियों से वित्‍तीय सुरक्षा एक सबसे बड़ी चिंता बन गई है. इसके अलावा किसी अन्य गंभीर बीमारी या कोविड से संक्रमित होना और नौकरी या आमदनी में कमी होने की आशंका भी चिंता का कारण बन रही है. इसी चिंता में आज लोग विशेषकर मिडल क्लास वर्ग तनावग्रस्त हो रहा है. 

यह बातें प्रमुख जीवन बीमा कंपनी एसबीआई लाइफ इंश्‍योरेंस (SBI Life Insurance) के एक सर्वे (Survey)  से पता चली है. एसबीआई लाइफ ने निल्‍सन कंपनी के साथ मिलकर ‘अंडरस्‍टैंडिंग कंज्‍यूमर एटिट्यूड टुआर्ड्स फाइनेंशियल इम्‍युनिटी’ सर्वेक्षण किया. जिसमें मुंबई सहित 13 बड़े शहरों के 2400 से अधिक उपभोक्‍ताओं ने हिस्‍सा लिया. उपभोक्‍ता सर्वेक्षण ( Consumer survey) में कोविड बाद की दुनिया में वित्‍तीय प्रतिरोधी क्षमता के प्रति उपभोक्‍ता प्रवृत्तियों के बारे में महत्‍वपूर्ण बातें बताई गई हैं.

उपभोक्‍ता सर्वेक्षण के मुख्य बिंदु

  • 78% भारतीय मानते हैं कि तनाव-चिंता मानसिक और शारीरिक प्रतिरोधी क्षमता को प्रभावित करते हैं.
  • 50% से अधिक भारतीय जीवनशैली बीमारियों से जुड़ी आपात स्थिति का सामना करने के लिए पर्याप्‍त रूप से तैयार नहीं हैं.
  • 80% भारतीय जीवन बीमा को ‘परिवार के भविष्‍य’ की सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं
  • 60% भारतीयों ने बढ़ते चिकित्‍सा खर्च को पूरा करने और परिवार को वित्‍तीय दबाव से बचाने के लिए क्रिटिकल इलनेस प्‍लान/कवर खरीद लिया है या खरीदने के इच्‍छुक हैं.
  • 75% भारतीयों के पास क्रिटिकल इलनेस कवर नहीं है, और वो अगले तीन महीने में इसे खरीदने के इच्‍छुक हैं.

मजबूत वित्तीय प्रतिरक्षा आवश्यक

आज व्यक्तिगत और पारिवारिक सुरक्षा वर्तमान स्थिति में सबसे बड़ी चिंता है. हालांकि किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल के प्रति वित्तीय तैयारियों की उपभोक्ता की स्थिति भयावह है. भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत वित्तीय प्रतिरक्षा बनाने की आवश्यकता पर एक उत्साहजनक जागरूकता है. एसबीआई लाइफ में, हम मानते हैं कि वित्तीय प्रतिरक्षा प्राप्त करना पूर्ण क्षमता हासिल करने पर आधारित है और हम देश भर में व्यक्तियों के लिए सही सुरक्षा उपकरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे. – रवि कृष्णमूर्ति, प्रेसिडेंट (जोन-1) एसबीआई लाइफ