Demand Dor Edible Oils Down, Wholesale Prices Also Fell

    मुंबई. पिछले कई महीनों से लगातार बढ़ रही खाद्य तेलों (Edible Oils) की कीमतों में अब कुछ गिरावट आने लगी है। लॉकडाउन (Lockdown) के कारण मांग घटने, सरकार की सख्ती, वैश्विक बाजारों में तेजी को ब्रेक और घरेलू उत्पादन बढ़ने की खबरों से पिछले एक सप्ताह में कीमतों में 5 से 10% की गिरावट आई है।

    सबसे ज्यादा 10% की गिरावट सबसे ज्यादा आयात होने वाले पाम तेल (Palm Oil)  में आई है, जबकि अन्य खाद्य तेलों में 5 से 7% की गिरावट दर्ज हुई है। हालांकि यह गिरावट थोक बाजारों तक ही सीमित है, खुदरा बाजारों में फिलहाल दाम ऊपरी स्तरों पर ही टिके हुए हैं।

    25% घटी लॉकडाउन में मांग

    खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के मुताबिक, महाराष्ट्र और देशभर के अधिकतर राज्यों में पिछले दो महीने लंबे लॉकडाउन के चलते होटल, रेस्टोरेंट, स्ट्रीट फूड एवं कार्पोरेट कैंटीन बंद होने से खाद्य तेलों की मांग (Demand) में 25% की गिरावट आई है। हालांकि मांग तो पहले भी कम थी, लेकिन वैश्विक बाजारों में भारी सट्टेबाजी और उत्पादन प्रभावित होने से इकतरफा तेजी आ रही थी। साथ में भारतीय कमोडिटी बाजारों (Commodity Exchanges) के सटोरिए और बड़ी तेल कंपनियां भी सट्टेबाजी (Speculation) में‍ लिप्त थीं, जिसमें अब कमी देखी जा रही है।

    सरकार की सख्ती का भी असर

    कीमतों में गिरावट की दूसरी बड़ी वजह केंद्र सरकार का एक्शन में आना भी है। खाद्य तेलों के दाम मई की शुरूआत में सर्वोच्च शिखर पर पहुंच गए थे। एक तरफ पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और दूसरी तरफ खाद्य तेलों की महंगाई ने मोदी सरकार को चिंता में डाल दिया था। इसलिए सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हितधारकों से कीमतों को काबू में लाने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए, इसके लिए 24 मई को एक वेबिनार का आयोजन किया था। जिसमें विभिन्न उपायों पर चर्चा की गयी। उसके बाद से तेजी थम गयी है।

    टैक्स घटाने पर ही आएगी और गिरावट : शंकर ठक्कर

    खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने कहा कि वैश्विक बाजारों में जो हालात हैं, उसे देखते कीमतों में और गिरावट की उम्मीद नहीं दिख रही है। क्योंकि कुल आपूर्ति में 65% हिस्सेदारी आयात (Import) की है। अब कीमतों और गिरावट तभी आ सकती है, जब सरकार टैक्स (Tax) घटाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में हमने 35% आयात शुल्क एवं कृषि कल्याण अधिभार तथा 5% जीएसटी में कटौती करने की मांग रखी थी। जिस पर अभी तक सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। आम जनता को राहत देने के लिए सरकार को जल्द इस पर विचार करना चाहिए।

    खुदरा बाजारों में कीमतें घटने की उम्मीद : तरूण जैन

    महासंघ के महामंत्री तरूण जैन ने कहा कि कीमतों में 5 से 10% की गिरावट का असर अभी तक खुदरा बाजारों में इसलिए नहीं दिख रहा है कि दुकानदारों के पास अभी पुराना स्टॉक जमा है, जिसकी खरीद ऊंचे स्तरों पर की गयी थी। अब लॉकडाउन खुलने पर पुराना स्टॉक खत्म होने की उम्मीद है। जिससे खुदरा कीमतों में भी गिरावट आएगी।  

    खाद्य तेल थोक भाव खुदरा भाव
    पामोलीन  135 140-145
    सोयाबीन  148 160-165
    सनफ्लावर 165  170-180
    राइसब्रान  134  145-150
    सरसो    165  190-200
    मूंगफली  151 165-170

    (दाम रुपए लीटर 5% GST सहित)