Fear of ship attack at Yanbu port in Red Sea amid Iran nuclear talks
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कुछ निर्यातकों ने हांगकांग और चीन के सीमाशुल्क विभागों द्वारा सामान की खेप रोके जाने पर चिंता जतायी है। निर्यातकों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) ने बृहस्पतिवार को कहा कि चेन्नई बंदरगाह पर भारतीय अधिकारियों ने इसी तरह की कार्रवाई की है।

नयी दिल्ली. कुछ निर्यातकों ने हांगकांग और चीन के सीमाशुल्क विभागों द्वारा सामान की खेप रोके जाने पर चिंता जतायी है। निर्यातकों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) ने बृहस्पतिवार को कहा कि चेन्नई बंदरगाह पर भारतीय अधिकारियों ने इसी तरह की कार्रवाई की है। इसकी प्रतिक्रिया में हांगकांग और चीन के सीमा शुल्क विभागों ने यह कदम उठाया है। देश के लद्दाख क्षेत्र में गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर तनाव के बीच यह मामला काफी संवेदनशील है।

फियो के अध्यक्ष एस. के. सर्राफ ने इस संबंध में वाणिज्य सचिव अनूप वाधवान को पत्र लिखा है। पत्र के अनुसार सर्राफ ने कहा, ‘‘हमें जानकारी दी गयी है कि सीमाशुल्क विभाग चीन से आयातित सभी सामान की खेप की अधिकारियों से एक-एक करके जांच करा रहा है। इससे खेप को मंजूरी मिलने में देरी हो रही है और आयात की लागत बढ़ रही है।” उन्होंने कहा कि कुछ निर्यातकों ने सूचित किया है कि इसके जवाब में हांगकांग और चीन के सीमाशुल्क विभागों ने भी भारत से निर्यात किए गए सामान की खेप को रोक लिया है।

सर्राफ ने वाणिज्य मंत्रालय से इस मामले को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमाशुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के समक्ष उठाकर यह पता लगाने का अनुरोध किया है कि क्या भारतीय अधिकारियों को चीन के सामान की पेश के बारे में ऐसा कोई निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा आदेश नहीं दिया गया है तो सीबीआईसी इसका खंडन कर सकता है, ताकि यह संदेश चीन और हांगकांग में हमारे आयातकों तक पहुंचाया जा सके जिससे वे अपने सीमाशुल्क विभाग से इस पर स्पष्टीकरण मांग सके। खबरों के मुताबिक चेन्नई बंदरगाह पर सीमाशुल्क अधिकारियों द्वारा चीन से आयातित खेप की ज्यादा गहन जांच की जा रही है। (एजेंसी)