क्या सोने-चांदी में फिर आएगी तेजी?

  • कीमतों में रिकार्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली

मुंबई. दोनों कीमती धातुओं सोना और चांदी की कीमतों में रिकार्ड तेजी के बाद अब गिरावट देखी जा रही है. ऊपरी स्तरों से जहां सोने में 12% की गिरावट आई है, वहीं चांदी में 25% की बड़ी गिरावट दर्ज हो चुकी है. इससे निवेशकों और कारोबारियों के मन में यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या सोने-चांदी में तेजी का दौर खत्म हो चला है? 

इस संबंध में विश्लेषकों का कहना है कि सर्राफा बाजार में तेजी का दौर जारी रहने की प्रबल संभावना बनी हुई है. मौजूदा गिरावट मंदी नहीं बल्कि ऊंचे मूल्यों पर मुनाफावसूली यानी करेक्शन है. यह गिरावट अपेक्षित थी. क्योंकि इस साल जनवरी से अगस्त के दौरान 8 महिनों में सोने-चांदी में रिकार्ड तेजी दर्ज हुई है. कुछ दिन करेक्शन और जारी रह सकता है. तत्पश्चात फिर तेजी आने के पूरे आसार दिख रहे हैं.

सोने में 44% का भारी उछाल

इस साल वैश्विक स्तर पर सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया. जैसे ही चाइना से कोरोना वायरस दुनिया भर में फैला, सोने-चांदी में तेजी ने जोर पकड़ लिया. कोरोना महामारी के कारण आई भयंकर आर्थिक मंदी ने वैश्विक निवेशकों का रूझान सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ बढ़ा दिया है. नतीजन 8 माह जोरदार तेजी का दौर चला. इस दौरान मुंबई में सोने की कीमतें बढ़ती हुई 8 अगस्त को 56,125 रुपए की रिकार्ड ऊंचाई पर जा पहुंची, जो एक जनवरी 2020 को 39,085 रुपए प्रति दस ग्राम थी. इस तरह सोने में 44% की रिकार्ड तेजी आई. इसी अवधि में लंदन में भी सोना 1520 डॉलर से बढ़कर 2067 डॉलर प्रति औंस की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा.

चांदी में 63% की रिकार्ड तेजी

हमेशा की तरह सोने के साथ चांदी में भी तेजी का दौर चला और इसकी कीमतों में सोने से अधिक तेजी आई. विश्व स्तर पर भारी सट्टेबाजी के चलते लंदन में चांदी के दाम 29.14 डॉलर प्रति औंस की ऊंचाई पर जा पहुंचे. इसके असर से मुंबई में चांदी के दाम बढ़ते हुए 8 अगस्त 2020 को 76,100 रुपए प्रति किलो की ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गए, जो एक जनवरी 2020 को 46,665 रुपए प्रति किलो पर थे. इस तरह चांदी में कुल 63% की रिकार्ड तेजी दर्ज हुई है.

प्रॉफिट बुकिंग से कीमतों में गिरावट

सोने-चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी तेजी विगत एक दशक में सर्वाधिक है. 44% से 63% तक की जबरदस्त तेजी के बाद गिरावट आना तय था. लिहाजा ऊंचे मूल्यों पर चौतरफा मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग से गिरावट आ रही है. गिरावट का यह क्रम पिछले डेढ़ महिनों से जारी है. इस दौरान जहां सोने की कीमतों में 12% की गिरावट आई है और अब मुंबई में सोना 49,460 रुपए प्रति दस ग्राम और लंदन में 1861 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है. वहीं चांदी में 25% की बड़ी गिरावट दर्ज हो चुकी है. अब मुंबई में चांदी के दाम 57,470 रुपए प्रति किलो और लंदन में 22.88 डॉलर प्रति औंस पर आ गए हैं.  

ज्यादा गिरावट की आंशका नहीं : संजय शाह

ज्वैलमेकर्स वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संजय शाह का कहना है कि सोने-चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी रहेगा. लंबी तेजी के बाद फिलहाल प्रॉफिट बुकिंग से गिरावट आ रही है, लेकिन अब ज्यादा गिरावट की आंशका नहीं है. अक्टूबर में सोने में जहां अधिकतम 1500 से 2000 रुपए की गिरावट और सकती है, वहीं चांदी में 2500 से 3000 रुपए की गिरावट संभव है. जबकि ऊंचे में सोना फिर 55,000 तक जा सकता है और चांदी ऊंचे में फिर 65,000 रुपए हो सकती है. हालांकि अब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव तक काफी उतार-चढ़ाव भी आएगा. इसके अलावा कोरोना वैक्सीन की प्रगति और चीन एवं अन्य देशों के बीच तनाव की स्थिति पर भी बाजार का रूख निर्भर करेगा. वैसे लांग टर्म में तो तेजी ही आनी है.

यह गिरावट निवेश का अच्छा अवसर : श्रीराम अय्यर

रिलायंस सिक्युरिटीज के वरिष्ठ रिसर्च विश्लेषक श्रीराम अय्यर, जिन्होंने ‘नवभारत’ में छपे अपने विश्लेषण में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आने का अनुमान व्यक्त किया था, जो एकदम सही साबित हुआ. अब श्रीराम अय्यर का कहना है कि यह गिरावट निवेश का अच्छा अवसर है. शॉर्ट टर्म में कुछ गिरावट और संभ‍व है, लेकिन मीडियम टू लांग टर्म में धारणा तेजी की ही है. अमेरिका में राष्ट्रपति कोई भी निर्वाचित हो, उन्हें इकनॉमी को सपोर्ट देने के लिए अगले एक साल और राहत पैकेज देने होंगे. ऐसे में 2021 में सोना 2300 डॉलर और चांदी 32 डॉलर के स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है. नीचे में सोने के लिए 1850 डॉलर पहला और 1800 डॉलर दूसरा महत्वपूर्ण समर्थन स्तर है. जबकि चांदी के लिए 21.50 डॉलर पहला और 19 डॉलर दूसरा महत्वपूर्ण समर्थन स्तर है.