Market direction will be determined by monetary review, macro data, quarterly results of companies

नई दिल्ली. घरेलू शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह कई प्रमुख घटनाक्रमों…मसलन रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक, वृहद आर्थिक आंकड़ों तथा कंपनियों के तिमाही नतीजों से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों का कहना है कि सप्ताह की शुरुआत में बाजार जुलाई माह के वाहन बिक्री आंकड़ों पर भी प्रतिक्रिया देगा। कोविड-19 महामारी के बीच जुलाई में वाहन बिक्री के आंकड़े सुधरे हैं। देश के ज्यादातर हिस्से अब अनलॉक के चरण में हैं। ऐसे में वाहन उद्योग की बिक्री का आंकडा जुलाई में इससे पिछले महीने की तुलना में काफी अच्छा रहा है। इसके अलावा अब उत्पादन के मामले में भी वाहन उद्योग की स्थिति सामान्य हो रही है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘आगे चलकर बाजार वाहन बिक्री के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देगा। इसके अलावा बाजार की निगाह मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक पर भी रहेगी।”

वृहद आंकड़ों के मोर्चे पर बाजार भागीदारों की निगाह पीएमआई विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के आंकड़ों पर भी रहेगी। ये आंकड़े इसी सप्ताह आने हैं। सप्ताह के दौरान भारती एयरटेल, टाटा स्टील, ल्यूपिन, टाइटन, वोल्टास, अपोलो टायर्स, केनरा बैंक, अडाणी पावर और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी बड़ी कंप़नियों के तिमाही नतीजे आने हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि अभी बाजार में उतार-चढ़ाव और शेयर आधारित गतिविधियों का सिलसिला कायम रहेगा। तिमाही नतीजों के आधार पर कुछ कंपनियों के शेयरों में गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इसके अलावा बाजार भागीदारों को अमेरिका के प्रोत्साहन पैकेज से जुड़े घटनाक्रमों का भी इंतजार रहेगा।”

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक चार अगस्त को शुरू होगी। बैठक के नतीजों की घोषणा छह अगस्त को की जाएगी। कोविड-19 के मामलों के रुख तथा अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़े घटनाक्रमों से सप्ताह के दौरान वैश्विक बाजारों की दिशा तय होगी। इस बीच, दुनियाभर में कोविड-19 संक्रमण के मामलों की संख्या 1.8 करोड़ को पार कर गई है। अब तक इस महामारी ने सात लाख लोगों की जान ली है। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 17 लाख को पार कर गए हैं। अब तक इस महामारी से 37,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा निवेशकों की निगाह रुपये-डॉलर के उतार-चढ़ाव तथा ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 522.01 अंक या 1.36 प्रतिशत के नुकसान में रहा। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 120.70 अंक या 1.07 प्रतिशत नीचे आया।(एजेंसी)