MSN Lab Initiates Phase III Clinical Trial of Molnupiravir for India

    मुंबई. चाइनीज वायरस कोरोना महामारी (Covid-19) के बढ़ते संक्रमण की खबरों के बीच एक राहत की खबर है। भारतीय फार्मा कंपनी एमएसएन लैबोरेटरीज प्रा. लिमिटेड (MSN Laboratories Pvt। Ltd) ने देश में कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए ‘मोलनुपीरावीर कैप्सूल’ (Molnupiravir) के तीसरे चरण (Phase III) का क्लिनिकल परीक्षण (Clinical Trial) शुरू करने की घोषणा की है। 

    कोविड-19 वायरस और इसके दुष्प्रभावों के इलाज के लिए कई औषधियां बनाने वाली हैदराबाद की इस कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसे भारतीय औषधि महानियंत्रक (Drug Controller General of India) से हल्के और मध्यम लक्षण वाले कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए दवा की प्रभाविता और सुरक्षा का पता लगाने के लिए क्लिनिकल परीक्षण की मंजूरी मिल गई है।

    40 से अधिक स्थानों पर होगा क्लिनिकल ट्रायल

    एमएसएन ग्रुप की शीर्ष कंपनी एमएसएन लैबोरेटरीज देश भर में 40 से अधिक स्थानों पर क्लिनिकल परीक्षण शुरू करेगी। कंपनी के अनुसार, क्लिनिकल परीक्षण हल्के से मध्यम लक्षण वाले 2,400 से अधिक मामलों में किए जाएंगे। ‘मोलनुपीरावीर’ एंटीवायरल विशेषता से युक्त दवा है और फिलहाल यह परीक्षण अध्ययन के स्तर पर है। कंपनी की शोध एवं अनुसंधान टीम ने गहन शोध के बाद इस नई दवा की एपीआई (API) और फार्मुलेशन (Formulation) दोनों विकसित कर ली है तथा क्लिनिकल स्टडी सफल होने और नियामक मंजूरी मिलने के बाद इसे लॉन्च कर दिया जाएगा।

    ब्लैक फंगस की भी दवा पेश

    इससे पहले बीते सप्ताह एमएसएन लैबोरेटरीज ने भारत में ब्लैक फंगस (Mucormycosis) मरीजों के इलाज में उपयोगी ‘पोसाकोनाजोल’ (Posacanazole) को ‘पोसा वन’ (Posa one) ब्रांड नाम से पेश किया था। यह दवा फंफूदी नाशक ट्राइजोल श्रेणी की है। एमएसएन की ‘पोसा वन’ 100 एमजी में टैबलेट और 300 एमजी क्षमता में इंजेक्शन के रूप में देश भर में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसे ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों के उपचार में उपयोगी पाया गया है। वर्ष 2003 में स्थापित एमएसएन ग्रुप का जोर वहनीय दवाओं के निर्माण पर है और इसके पास 650 से अधिक पेटेंट हैं। ग्रुप के भारत और अमेरिका में 14 निर्माण संयंत्र हैं।