PMC BANK SCAM

    मुंबई. ‍‍‍‍घोटाले के शिकार पंजाब एंड महाराष्ट्र सहकारी बैंक (PMC Bank) के परिचालन पर प्रतिबंध लगे हुए 19 महीनों से ज्यादा का लंबा समय बीत चुका हैं, लेकिन आज तक सरकार, रिजर्व बैंक और तमाम जांच एजेंसियां ना तो घोटाला (Scam) करने वालों को सजा दिला पाई है और ना ही पीएमसी बैंक के लाखों जमाकर्ताओं (Depositors) को उनकी जीवन भर की जमा पूंजी (Savings) वापस दिला पाई है। 

    न्याय पाने के इंतजार में अब तो जमाकर्ताओं, जिनमें हजारों बुजुर्ग (Senior Citizens) शामिल हैं, की आस टूटती जा रही है। कोरोना महामारी (Covid Pandemic) ने इनकी हालत और दयनीय कर दी है। कईयों के पास तो इलाज के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। आस टूटने के साथ प्राण भी निकलते जा रहे हैं। अब तक 130 जमाकर्ताओं की जान जा चुकी है। फिर भी पीएमसी बैंक संकट का कोई समाधान (Solution) निकाला नहीं जा रहा है।

    आर्थिक मदद दे सरकार

    पीएमसी बैंक डिपॉजिटर्स फोरम (PMC Bank Depositors Forum) के अध्यक्ष चंदर पुर्षवानी ने कहा कि अपनी जीवन भर की जमा पूंजी वापस पाने के इंतजार में प्रतिबंध के बाद से अब तक 130 जमाकर्ता अपने प्राण छोड़ चुके हैं। फिर भी सरकार और रिजर्व बैंक (RBI) इस संकट के समाधान के लिए शीघ्रता नहीं दिखा रही है। विधानसभा चुनावों के समय जमाकर्ताओं के साथ सहानुभूति दर्शा कर उन्हें न्याय दिलाने का वादा करने वाले तमाम दल भी आज हमसे किनारा कर चुके हैं। अब हम जमाकर्ताओं की सरकार और रिजर्व बैंक गर्वनर से यही गुहार है कि वे जल्द से जल्द सभी जमाकर्ताओं का पैसा वापस दिलाए। इसके लिए आर्थिक मदद दे या बैंक को फिर शुरू करने के लिए पहल करें।   

    3 कंपनियों के प्रस्ताव आए, पर फैसला नहीं

    पुर्षवानी ने कहा कि पीएमसी बैंक को खरीदने यानी फिर से चलाने के लिए दिसंबर 2020 में 3 कंपनियों ने अपने प्रस्ताव रिजर्व बैंक को भेजे थे। जिसमें सेंट्रम-भारतपे सबसे आगे हैं, परंतु अफसोस 4 महीने बीत गए, लेकिन अभी तक रिजर्व बैंक ने इन प्रस्तावों पर कोई फैसला नहीं लिया। कोविड महामारी में पीएमसी के हजारों जमाकर्ताओं के पास ना घर चलाने के लिए और ना इलाज के लिए पैसे बचे हैं।

    5,263 रुपए प्रति माह में कैसे करें गुजारा?

    प्रतिबंध के बाद से अब तक 19 माह में हर जमाकर्ता को अधिकतम एक लाख रुपए की निकासी की ही मंजूरी दी गई है, भले ही उसके 10-20 लाख रुपए या उससे ज्यादा की रकम बैंक में जमा हों। 70 वर्षीय बुजुर्ग जमाकर्ता ललित जवेरी का कहना है कि 19 महिनों में कोई परिवार एक लाख रुपए यानी 5,263 रुपए प्रति माह में मुंबई जैसे महंगे शहर में अपना गुजारा कैसे कर सकता है? जहां कोविड जैसी महामारी में भी कंपनियां बिजली का बिल ही 5,000 रुपए का भेज देती है।

    हम निर्दोष जमाकर्ताओं के साथ यह अन्याय क्यों?

    77 वर्षीय बुजुर्ग जमाकर्ता बी. डी. मिश्रा का कहना है कि यस बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक सहित तमाम संकटग्रस्त निजी बैंकों को बचाने में जिस तरह की तत्परता दिखाई जाती है, उसी तरह की तत्परता पीएमसी बैंक का समाधान निकालने में क्यों नहीं दिखाई जा रही है। जब व‍र्षों से घोटाला हो रहा था तो रिजर्व बैंक अधिकारी ‘सोते’ रहे, उन लापरवाह अधिकारियों की क्या कोई जिम्मेदारी नहीं थी? हम निर्दोष जमाकर्ताओं का क्या कसूर है, जो हमें यह कठोर सजा भुगतनी पड़ रही है। क्या रिजर्व बैंक, राजनीतिक दलों और न्यायाधीशों को यह अन्याय दिखाई नहीं देता है?

    6700 करोड़ का घोटाला

    रियल्टी कंपनी HDIL के प्रमोटरों वाधवान पिता-पुत्र और पीएमसी बैंक संचालकों की मिलीभगत से करीब 10 वर्षों से किया जा रहा 6700 करोड़ रुपए का घोटाला जब 23 सितंबर 2019 को उजागर हुआ तो रिजर्व बैंक ने आनन-फानन में पीएमसी बैंक पर प्रतिबंध लगा दिया था। तभी से इसके परिचालन पर रोक लगी हुई है, जो अब 30 जून 2021 तक बढ़ाई गयी है।