राजनीतिक दल अपना रुख स्पष्ट करें : कैट

व्यापारिक महासंघ ने सभी दलों और राज्यों से मांगा समर्थन

चाइनीज उत्पाद बहिष्कार अभियान  

मुंबई. चाइनीज वस्तुओं के बहिष्कार के अपने देशव्यापी अभियान ‘भारतीय सामान-हमारा अभिमान’ के तहत फ़िल्मी और क्रिकेट सितारों को चीनी सामान का विज्ञापन ना करने के आव्हान के बाद अब व्यापारिक महासंघ ‘कैट’ ने सभी राजनीतिक दलों और सभी राज्यों से इस बहिष्कार अभियान में शामिल होने की अपील की है. कन्फेडेरशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा कि अब राजनीतिक दलों को भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए. चीनी सैनिकों के साथ भिड़त में भारतीय जवानों के शहीद होने पर कुछ राजनीतिक दल केंद्र सरकार पर तो उंगली उठा रहे हैं, लेकिन चीन के उत्पादों के बॉयकॉट करने के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है. यह पूरे देश के हित का मुद्दा है, किसी एक दल का नहीं. इसलिए सभी दलों को समर्थन में आगे आना चाहिए और जन जागृति के लिए सहयोग करना चाहिए. ‘कैट’ की अपील पर सर्वप्रथम विख्यात क्रिकेटर हरभजन सिंह ने किसी भी चीनी ब्रांड का विज्ञापन नहीं करने की घोषणा की है.

सोनिया गांधी से भी मांगा समर्थन

कांग्रेस सहित सभी दलों और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजे गए पत्र में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि सभी दल एवं मुख्यमंत्री एक समर्थन अपील जारी कर चीनी उत्पादों का बहिष्कार करें. ऐसे समय में जब पूरा देश चीन द्वारा भारतीय सैनिकों के खिलाफ की गई बर्बर कार्रवाई के विरोध में उबल रहा है. उम्मीद है कि आप सब इस अभियान का व्यापक रूप से समर्थन करेंगे. इसलिए देश के व्यापारी आपसे चीनी सामानों के बहिष्कार का समर्थन करने का आग्रह करते हैं. कैट की अपील को देश के सभी जगह से व्यापक समर्थन मिल रहा है. हमने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी विशेष रूप से अनुरोध किया है कि वे भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देकर राष्ट्र को मजबूत बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे.

खेल संघ चीनी स्पॉन्सरशिप रद्द करें

इसी तर्ज पर ‘कैट’ ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से भी मांग की है कि वो चीनी मोबाइल ब्रांड ‘विवो’ की स्पॉन्सरशिप सहित अन्य किसी भी चीनी कंपनी से किए गए सभी करार तुरंत रद्द करें, वहीं कैट ने भारतीय ओलंपिक संघ से भी चीनी कंपनियों की स्पॉन्सरशिप को समाप्त किये जाने की मांग की है.

ई-कॉमर्स पोर्टलों पर भी अंकुश जरूरी

संगठन ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से आग्रह किया है कि ई-कॉमर्स के नियमों में संशोधन करके प्रत्येक ई-कॉमर्स पोर्टल को यह निर्देश दिया जाए कि वे अनिवार्य रूप से अपने प्लेटफॉर्म पर बेचे जाने वाले प्रत्येक उत्पाद के साथ किस देश का बना है, भी लिखने का आदेश जारी करे. देश में अधिकांश ई-कॉमर्स पोर्टल चीनी सामान बेच रहे हैं, जिसका उपभोक्ताओं को पता तक नहीं है .

जनता की भावनाओं का हो सम्मान

कैट के मुंबई अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने कहा है कि अब समय आ गया है जब भारतीय बाजार पर नियंत्रण और कब्जा करने के लिए चीन की कुटिल नीति को नाकाम कर दिया जाए. चीन के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश और पीड़ा बढ़ रही है और भारतीय जनता की भावनाओं का सम्मान राजनीतिक बिरादरी और अन्य संस्थानों द्वारा किया जाना चाहिए ताकि चीन पर भारत की निर्भरता को कम किया जा सकें और देश में लोगों द्वारा ज्यादा से ज्यादा भारतीय सामान का उपयोग हो सके. उन्होंने कहा की यह रातों-रात नहीं होगा और अभियान में व्यापारी समुदाय, छोटे उद्योगों. बड़े उद्योग सहित केंद्र एवं राज्य सरकारों को मिलकर एक साझा रणनीति बनाने की जरूरत है.