2021 का पहला IPO होगा रेलटेल

  • रेलवे स्टेशनों को ‘डिजिटल हब’ में बदलेगी
  • 5819 स्टेशनों पर वाई-फाई सेवा

मुंबई. सार्वजनिक क्षेत्र की मिनी रत्न कंपनी रेलटेल कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड का सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) नव वर्ष 2021 का पहला सरकारी आईपीओ होगा और संभवत: आईपीओ मार्केट में भी कदम रखने वाली यह 2021 की पहली कंपनी होगी. इसके आईपीओ को नियामक ‘सेबी’ से मंजूरी मिल चुकी है और जनवरी की शुरूआत में आने के आसार हैं. निवेशकों को इसके आईपीओ का इंतजार है. क्योंकि IRCTC और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स की तरह यह पहली लाभप्रद और ऋणमुक्त कंपनी है, जिसके शेयरों में निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है. रेलटेल देश भर में रेलवे यात्रियों को पब्लिक वाई-फाई प्रदान करते हुए रेलवे स्टेशनों को डिजिटल हब में बदलने के लिए भारतीय रेलवे के साथ काम रही है. रेलटेल ने अपनी ‘रेलवायर’ वाई-फाई सेवा का विस्तार 5819 स्टेशनों तक कर दिया है.

IRCTC और मझगांव डॉक में निवेशक मालामाल

IRCTC का 645 करोड़ रुपए का आईपीओ पिछले साल अक्टूबर में 320 रुपए प्रति शेयर के मूल्य पर जारी किया गया था. जिसमें निवेशकों को लिस्टिंग के वक्त ही दोगुने से अधिक शानदार रिटर्न मिल गया और अब तो इसका शेयर 1578 रुपए के भाव पर 393% का बेहतरीन रिटर्न दे रहा है. जबकि दो महिने पहले केंद्र सरकार ने मझगांव डॉक का आईपीओ 145 रुपए प्रति शेयर मूल्य पर जारी कर 443 करोड़ रुपए जुटाए थे. मझगांव का शेयर 172 रुपए पर लिस्ट होकर अब 182 रुपए पर चल रहा है. यानी दो महिने की अल्प अवधि में ही इसमें निवेशकों को 25% का रिटर्न मिल रहा है.

राष्ट्रव्यापी ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क

‍विश्लेषकों का मानना है कि शानदार बिजनेस मॉडल के साथ आईपीओ का आकार छोटा होने के कारण IRCTC और मझगांव डॉक में निवेशकों को जोरदार फायदा हो रहा है. इसी तरह रेलटेल के आईपीओ का आकार भी छोटा यानी 700 करोड़ रुपए ही है और इसका बिजनेस मॉडल भी यूनिक है. ‍वर्ष 2000 में स्थापित रेलटेल देश की एक बड़ी तटस्थ टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है. जिसका रेलवे ट्रैक के पास 57,457 किलोमीटर का राष्ट्रव्यापी विशाल ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क है, जो देश की 70% शहरी और ग्रामीण आबादी को कवर करता है. इसके अलावा इसके पास दो बड़े डेटा सेंटर हैं. यह रेलवे, रक्षा और शिक्षा मंत्रालय के अलावा विभिन्न निजी और सरकारी कंपनियों को अपनी सेवाएं दे रही है. निजी क्षेत्र की रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन इसकी प्रतिस्पर्धी होने के साथ-साथ इसकी ग्राहक भी हैं. वर्ष 2008 से लगातार लाभांश दे रही रेलटेल ने वित्त वर्ष 2020 में 1166 करोड़ के कारोबार पर 141 करोड़ रुपए का अच्छा मुनाफा कमाया है.  

‘डिजिटल इंडिया’ में अहम भूमिका : चावला

रेलटेल के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक पुनीत चावला ने बताया कि भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को सफल बनाने में रेलटेल अहम भूमिका निभा रही है. भारतीय रेलवे के ट्रैन परिचालन, प्रशासनिक नेटवर्क सिस्टम और रेलवे अस्पतालों का टेक्नोलॉजी अपग्रडेशन करने के साथ-साथ रेलटेल ने भारत सरकार के ‘भारतनेट’ प्रोजेक्ट के तहत 24,037 किमी. ऑप्टिक फाइबर केबल बिछाकर 6500 ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान कर दी है. कोविड महामारी के कारण सभी क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ने से हमारी सभी सेवाओं के ग्राहकों की संख्या में तेज वृद्धि हो रही है. ट्रेनों में मनोरंजन के लिए कंटेट ऑन डिमांड सेवा भी शुरू की जा रही है. इसके अलावा रेलटेल देश में 700 से अधिक शिक्षा संस्थानों को ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान कर डिजिटल एजुकेशन क्षेत्र पर भी फोकस कर रही है.