छोटे कारोबारियों को GST में राहत

  • GSTR-9 भरना अनिवार्य नहीं

मुंबई. छोटे कारोबारियों (small traders) के लिए जीएसटी नियमों (GST rules) को आसान बनाते हुए केंद्र सरकार (central government) ने कुछ राहत (relief) दी है. ऐसे कारोबारी, जिनका वार्षिक टर्नओवर 2 करोड़ तक है, उनको वर्ष 2019-20 का वार्षिक रिटर्न GSTR-9 भरना स्वैच्छिक कर दिया गया है. साथ ही ऐसे कारोबारी, जिनकी कुल वार्षिक बिक्री 5 करोड़ रुपए तक है उनके लिए भी वर्ष 2019-20 का ऑडिट का रिटर्न GSTR-9C भरना भी स्वैच्छिक कर दिया गया है. हालांकि इन्हें वार्षिक रिटर्न GSTR 9 तो भरना होगा. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने अधिसूचनाएं जारी कर यह छूट दी है. अब ऐसे करदाता जिनका वार्षिक टर्नओवर 5 करोड़ रुपए से अधिक है, उन्हें 6 डिजिट तथा जिनका 5 करोड़ रुपए से कम है, उन्हें 4 डिजिट का HSN कोड b2b इनवॉइस में देना आवश्यक हो गया है.

छूट का व्यापारियों ने किया स्वागत

जीएसटी रिटर्न में दी गई इस छूट का व्यापारियों ने स्वागत किया है. अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष और ‘कैट’ के महानगर अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने कहा कि वैसे यह मामूली सुधार है, किंतु छोटे व्यापारियों को इससे काफी राहत मिलेगी. सरकार को चाहिए कि वह धारा 16 (4) और 36(4) को अगले एक वर्ष के लिए स्थगित कर दे.