SEBI imposes fine of Rs 96 lakh on the CFO of Divis, others for insider trading

हैदराबाद. बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने डिविस लैब के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) एल किशोर बाबू और उनके बेटे सहित करीबी सहयोगियों पर 2017 में भेदिया कारोबार में कथित भागीदारी को लेकर 96 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सेबी ने एक जुलाई को जारी आदेश में कहा, “सेबी के द्वारा की गई जांच के आधार पर एल किशोर बाबू, प्रवीण लिंगमनेनी, नागेश लिंगमनेनी, श्री लक्ष्मी लिंगमनेनी, डी श्रीनिवास राव, राधिका द्रोणावल्ली, गोपी लिंगमनेनी और पुष्पा लता देवी के भेदिया कारोबार में शामिल होना पाया गया है।

इन्होंने जांच की अवधि के दौरान प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कंपनी के शेयर में कारोबार किया।” बाजार नियामक का कहना है कि शहर की दवा कंपनी डिविस ने 10 जुलाई 2017 को कारोबार की अवधि के दौरान यूएसएफडीए के द्वारा विशाखापत्तनम स्थित अपनी इकाई- II पर से आयात अलर्ट 99-32 को वापस लिये जाने की घोषणा की। यह सूचना कीमतों को लेकर संवेदनशील थी।

नियामक ने कहा कि किशोर बाबू, जो मुख्य प्रबंधकीय पद पर थे, उन्हें घोषणा के सार्वजनिक होने से पहले ही इसकी जानकारी थी। यह आदेश जारी करने वाले सेबी के पूर्णकालिक निदेशक जी महालिंगम ने कहा कि जिन व्यक्तियों या संस्थाओं का उल्लेख किया गया है, वे इस आदेश की प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों के भीतर नियामक को अपने जवाब दाखिल कर सकते हैं। वे अपने जवाब में यह भी बता सकते हैं कि वे मामले में व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्राप्त करना चाहते हैं या नहीं।(एजेंसी)