Sensex jumps 700 points in early trade, Nifty crosses 10,000

मुंबई. कमजोर वैश्विक रुख और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में लिवाली से बृहस्पतिवार को बीएसई सेंसेक्स 700 अंक चढ़ गया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सुस्त रुख के साथ खुला, लेकिन इसने दोपहर के कारोबार में रफ्तार पकड़ी। अंत में सेंसेक्स 700.13 अंक यानी 2.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 34,208.05 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 210.50 अंक या 2.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,091.65 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के कुल लाभ में करीब आधा योगदान एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी का रहा।

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस का शेयर सबसे अधिक 5.46 प्रतिशत चढ़ा। कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और पावरग्रिड के शेयर भी लाभ में रहे। वहीं दूसरी ओर ओएनजीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टीसीएस, भारती एयरटेल, सनफार्मा और मारुति के शेयरों में गिरावट रही।

केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि दूरसंचार विभाग ने गैर-दूरसंचार सार्वजनिक उपक्रमों मसलन गेल आदि कंपनियों से चार लाख करोड़ रुपये की समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की मांग में से 96 प्रतिशत को वापस लेने का फैसला किया है। कारोबारियों ने कहा कि इससे बैंकिंग शेयरों को राहत मिली है।

हालांकि, दूरसंचार विभाग ने भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया सहित निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों द्वारा एजीआर भुगतान पर दिए गए हलफनामे पर जवाब देने लिए पीठ से समय मांगा है। इस बीच, बृहस्पतिवार को भारत और चीन की सेना के बीच लगातार तीसरे दिन मेजर-जनरल स्तर की वार्ता हुई। यह बातचीत सेना को हटाने और पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में शांति बहाल करने के मुद्दे पर चल रही है। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘नकारात्मक वैश्विक रुख के बावजूद भारतीय शेयर बाजार लाभ के साथ बंद हुए।

उच्चतम न्यायालय में एजीआर पर व्यवस्था से बैंकों को राहत मिली है। विशेषरूप से उन बैंकों ने राहत की सांस ली है जिन्होंने दूरसंचार कंपनियों को बड़ा कर्ज दिया हुआ है।” नायर ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति और उससे जुड़ी टिप्पणियों से भी बाजार को कुछ राहत मिली है। हालांकि, आगे सतर्कता बरतने की जरूरत है।” बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 1.48 प्रतिशत तक की बढ़त रही। फिच रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को भारत के परिदृश्य को आठ साल में पहली बार नकारात्मक से स्थिर कर दिया है।

रेटिंग एजेंसी का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश का वृद्धि परिदृश्य काफी कमजोर हुआ है। अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी नुकसान में रहे। वहीं चीन का शंघाई कम्पोजिट लाभ में रहा। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रख था। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ 41.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

दुनियाभर में कोविड-19 के मामले 83.31 लाख पर पहुंच गए हैं। अब तक इस महामारी से 4.48 लाख लोगों की जान गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में 12,881 रिकॉर्ड नए मामले सामने आने के बाद कोविड-19 संक्रमित लोगों का आंकड़ा 3,66,946 हो गया है। यहां इस महामारी से 12,237 लोगों की जान चा चुकी है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया दो पैसे की बढ़त के साथ 76.14 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। (एजेंसी)